सांपला16 मिनट पहले

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दहकौरा रोड पर गंदे पानी की निकासी का प्रबंध न होने पर प्रशासन के खिलाफ रोष जताते ग्रामीण।

  • सांपला-दहकौरा रोड के औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों से 6 माह से गंदे पानी की निकासी के प्रबंध नहीं

सांपला-दहकौरा रोड पर बसे औद्योगिक क्षेत्र में लाखों रुपए प्रति फैक्ट्री हर माह सरकारी खजाने में जमा करवाने के बाद भी सड़कों पर गंदा पानी आ रहा है। इस कारण लोगों को गंदे पानी से निकलकर अपने काम पर जाना पड़ रहा हैं। यह समस्या क्षेत्र में करीब पिछले छह माह से नाला अवरूद्ध होने के कारण है। एरिया में करीब 25 से ज्यादा प्लाइवुड की फैक्ट्रियों, गोशाला के अलावा वेस्ट प्लास्टिक को री-साइकिल करने की फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।

जिनमें करीब three से four हजार प्रवासी मजदूर काम करते हैं। ये मजदूर फैक्ट्री एरिया में ही बने क्वार्टरों में किराए पर अपने परिवार सहित रहते हैं। इस मार्ग का प्रयोग गांव दहकौरा, लुहारहेड़ी, आसौदा सहित कई अन्य गांव के ग्रामीण सांपला आवागन के लिए इस्तेमाल करते हैं। गंदे पानी की निकासी के लिए फैक्ट्री संचालक पूर्व सांपला एसडीएम से लेकर जिला उपायुक्त तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन आश्वासनों के अलावा कोई स्थाई समाधान नहीं हो सका।

प्लाइवुड फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बह रहा
जनप्रयास सेवा समिति के सदस्य सुंदर ओहल्याण, बाबा हरिदास पीड़ित गोशाला से दीपक आर्य, चौ.आशु ओहल्याण, पंडित तरुण, इंद्र सिंह, प्रवीन, विक्की, प्रदीप ओहल्याण, सोनू प्रजापति, मास्टर अशोक प्रजापति,धन सिंह व राकेश आदि का आरोप है कि प्लाईवुड की फैक्ट्रियों का गंदा पानी रोड पर जमावड़ा कर समस्या उत्पन्न कर रहा है। आए दिन गंदे पानी में गिर लोग चोटिल हो रहे हैं। लेकिन न तो फैक्ट्री संचालक व न ही प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान दे रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ रोष बढ़ रहा है।

यह हो सकता है स्थाई समाधान
जनप्रयास सेवा समिति सदस्य सुंदर ओहल्याण का कहना है कि खरखौदा ओवरब्रिज से लेकर ड्रेन नबर eight तक नाले का निर्माण कार्य पूरा होने से समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है। औद्योगिक एरिया का एक भाग सांपला नपा के पास तो दूसरा झज्जर जिले में आता है।

छह माह से समस्या झेल रहे : शिव शंकर प्लाईवुड फैक्ट्री संचालक महादेव का कहना है कि पिछले 6 माह से गंदे पानी का जमावड़ा दहकौरा रोड पर लगा हुआ है। जबकि हर माह प्रति फैक्ट्री लाखों रुपए सरकारी खजाने में टैक्स के तौर पर जमा होता है। इसके बावजूद भी प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा। समस्या के समाधान को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल के साथ करीब तत्कालीन जिला उपायुक्त व एसडीएम से मिले थे। उन्होंने समस्या के समाधान का भरोसा भी दिया, लेकिन कुछ समय बाद उनका तबादला हो गया।

एरिया अस्थाई रूप से नपा में, नहीं कर सकते समाधान : एमई अनिल मलिक का कहना है कि जो समस्या बनी हुई है, वह एरिया अस्थाई रूप नगरपालिका एरिया में आता है। जिस कारण नपा चाहकर भी कोई समाधान नहीं कर पा रही है। पहले अस्थाई तौर पर पीडब्लूडी की ओर से पाइप दबाकर गंदे पानी की निकासी का प्रबंध किया गया था। लेकिन नहरी विभाग के आब्जेक्शन के बाद उसको भी बंद कर दिया गया।



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