वाराणसी10 मिनट पहले

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वाराणसी में अस्थाई जेल में बंद कांग्रेसियों से मुलाकात करते नेता।

  • शनिवार को वाराणसी में स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाकर किया था प्रदर्शन
  • पुलिस ने 9 नामजद व 10 अज्ञात पर कैंट थाने में दर्ज किया था केस

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी बाजी राव खडगे ने बुधवार को प्रतिनिधि मंडल में शामिल डॉक्टर जितेंद्र सेठ व जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल के साथ वाराणसी में गिरफ्तार 9 कांग्रेसियों से लालपुर स्थित अस्थायी जेल में मुलाकात की। इस दौरान गिरफ्तार नेताओं को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। खिड़की से हालचाल लेकर नेता वापस हो गए। खडगे ने कहा कि दमनकारी नीतियों से सरकार लोगों की आवाज बंद कराना चाहती है। दरअसल, तीन अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के आगमन पर कांग्रेसियों ने काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया था। जिसको लेकर गंभीर धाराओं में 9 लोगों पर नामजद और 10 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल।

कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल।

कांग्रेस मुकदमों से नहीं डरती

बाजीराव खडगे ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना गुनाह नहीं है। हाथरस की घटना का विरोध पूरे देश में हो रहा है। सरकार तमाम सच्चाई को छिपाना क्यों चाहती थी। जब लोगों ने आवाज उठाया तो उनको सरकार मुकदमें लादकर शांत करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी इससे डरती नहीं है।

इन धाराओं में भेजा गया था जेल

तीन अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी वाराणसी आई थीं। इस दौरान कांग्रेसियों ने उनके काफिले के सामने आकर प्रदर्शन किया था, काले झंडे भी दिखाए गए थे। इस प्रकरण में पुलिस ने गाड़ी रोकना, कोविड-19 के नियमों का पालन न करना, मार्ग अवरुद्ध व माहौल खराब करने के मामले में धारा 147, 149, 342, 269, 270, 353 और 7 सीएलए एक्ट के तहत मयंक चौबे, मनीष चौबे, ऋषभ पाण्डेय, प्रिंस राय, दिलीप सोनकर, रोहित चौरसिया, किशन यादव, विश्वनाथ कुंवर तथा कुंवर यादव सहित 10 अज्ञात पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया है।



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