चंडीगढ़9 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

भरत गुप्ता

(मनोज अपरेजा) ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार कोरोना वैक्सीन का तीसरे फेज का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। 67 वॉलंटियर्स को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। जितने वॉलंटियर्स को वैक्सीन दी गई है सभी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। चंडीगढ़ के दो बिजनेसमैन भाइयों को 30 सितंबर को वैक्सीन की डोज दी गई। भास्कर से उन्होंने अपने अनुभव शेयर किए।

^मेरे पापा ने मुझे बताए बगैर रजिस्ट्रेशन करवाया, मैंने ड्रिंक करने का हवाला देकर बचने की कोशिश की, लेकिन वैक्सीनेशन के बाद मैं स्वस्थ और खुश हूं। मेरा कोई वैक्सीन लगवाने का इरादा नहीं था। लेकिन मेरे पिता ने मुझे बताए बगैर पीजीआई में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार वैक्सीन के ट्रायल में मेरा रजिस्ट्रेशन करा दिया। मुझे तब पता चला जब पीजीआई की ओर से मुझे बुलाया गया।

मैं तब भी तैयार नहीं था। मैंने यहां तक कहा कि मैं ड्रिंक करता हूं। इस पर पापा ने कहा कि जहां से फोन आया था उनसे क्लियर कर लो। उन्हें बताया तो उन्होंने भी कहा कि ड्रिंक से कोई फर्क नहीं पड़ता । 29 अगस्त को रजिस्ट्रेशन करवाया। उसके बाद 26 सितंबर को स्क्रीनिंग के लिए बुलाया गया। इस दौरान कोरोना और एंटीबॉडी टेस्ट करवाए गए। साथ ही कुछ ब्लड टेस्ट भी करवाए।

हालांकि मेरे मन में थोड़ी शंका थी कि मेरा टेस्ट होगा या नहीं। स्क्रीनिंग के दौरान मैंने पीजीआई में डॉक्टर्स से सवाल भी किए कि वैक्सीन के साइड इफेक्ट क्या हैं। तो उन्होंने कहा कि आपको बुखार आ सकता है या फिर लूज मोशन जैसी छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। लेकिन इनकी संभावना भी कम है। खैर, इसके बाद 29 सितंबर को हमें वैक्सीनेशन के लिए बुलाया गया।

30 सितंबर को हमारी वैक्सीनेशन हुई। बड़ी बात यह है कि उसी दिन मेरा योगा थेरेपी का फाइनल पेपर भी था। पीजीआई के डॉक्टर्स से रिक्वेस्ट करने पर उन्होंने मुझे जल्दी फ्री कर दिया। मैंने वैक्सीन भी उस हाथ में नहीं लगवाई जिस हाथ से मुझे लिखना था। वैक्सीन लगवाने के बाद एकदम से कुछ नहीं हुआ। एक घंटे बाद मेरा ऑनलाइन पेपर था। लेकिन हाथ में चुभन महसूस हुई और बाजू थोड़ी भारी हो गई।

चूंकि में योगा इंस्ट्रक्टर हूं और योगा क्लासेस लेता हूं। इसलिए उस दौरान कुछ आसन करने में दिक्कत आई। मसल में पेन हुआ। दो तीन दिन की दिक्कत के बाद लग रहा है कि अगर यह वैक्सीन कामयाब हुई तो हमारा नाम भी देशभर के हजारों वॉलंटियर्स में शामिल हो जाएगा। सभी को वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए।भरत गुप्ता, योगा इंस्ट्रक्टर

अखबारों में वैक्सीन लगवाने के लिए वॉलंटियर्स से आवेदन मांगे गए तो मैंने अपना और अपने छोटे भाई का रजिस्ट्रेश 29 अगस्त को करवाया। इसके बाद पीजीआई से मेल आ गई कि आपका रजिस्ट्रेशन हो गया है और आपसे जल्द संपर्क करेंगे। पापा का रोल अहम रहा। उन्होंने ही हमें वैक्सीन लगवाने और रजिस्ट्रेशन के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर आपको इस वैक्सीन के लगवाने से फायदा नहीं हुआ तो भी जो टेस्ट होंगे उससे हमें स्पष्ट हो जाएगा कि हम फिट हैं या नहीं। 26 सितंबर को टेस्ट के लिए बुलाया गया।

जब टेस्ट के लिए बुलाया तो डर लग रहा था। लेकिन अच्छा यह लग रहा था कि अगर यह वैक्सीन कामयाब हो गई तो कोरोना से बच जाएंगे। खैर हम दोनों भाई गए। वहां पर हमसे कंसेंट फार्म भी भरवाया गया। कोविड-19 और एंटीबॉडी टेस्ट के अलावा कुछ अन्य टेस्ट किए गए। रिपोर्ट दो-तीन दिन में आनी थी। इस दौरान मन में घबराहट थी।

29 सितंबर को पीजीआई से फोन आया और कहा कि 30 सितंबर को मेरा जन्मदिन था। मन में यह सवाल भी उठा कि घर में पार्टी रखी हुई है कहीं बुखार या कुछ और तकलीफ हो गई तो बर्थ डे पार्टी खराब हो जाएगी। लेकिन अच्छा यह लग रहा था कि जन्म दिन के लिए वैक्सीन की डोज लेकर कम से कम कोरोना से तो बच सकेंगे।

वैक्सीन लगने के बाद अब ऐसे ख्याल आने लगे हैं कि हमने वैक्सीन लगवा ली है अगर यह कामयाब हो गई तो हमारे ऊपर कोरोना का खतरा नहीं रहेगा। वैक्सीन लगवाने के बाद जहां इंजेक्शन लगा था वहां पर दर्द हो रहा था। हालांकि हमें बुकलेट दी गई । उसमें हर रोज का बॉडी टेंपरेचर, जहां इंजेक्शन लगा उस जगह का मेजरमेंट, जिसमें स्वेलिंग, गठान या अन्य कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है।

इसे मेजर करके वहां लिखना है। हमने वो तैयार कर ली है। अब हम दोनों भाईयों को 29 अक्टूबर को दोबारा दूसरी डोज लेने के लिए बुलाया है।
अभय गुप्ता,बिजनेसमैन

अभय गुप्ता

अभय गुप्ता



Supply hyperlink

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *