बठिंडा7 घंटे पहले

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सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ पंजाब के वाइस चांसलर प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी ने यूनिवर्सिटी की प्रगति को विज्ञान संकाय व अधिकारियों के साथ अगले पांच वर्षों का विजन और रोडमैप साझा किया।

वीसी प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी ने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ पंजाब ने 11 वर्ष के छोटे कार्यकाल में प्रतिभाशाली टीचिंग स्टाफ के प्रयासों से एनआईआरएफ-2020 इंडिया रैंकिंग में 87वां स्थान हासिल कर भारत के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाया है तथा उन्होंने फैकल्टी से रैंकिंग बेहतर करने को कड़ी मेहनत कर समाज की सेवा पर बल दिया। प्रो. तिवारी ने फैकल्टी से विद्यार्थियों में आलोचनात्मक-सोचने की क्षमता पैदा करने, समस्या को सुलझाने के कौशल को विकसित करने को शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षण पद्धति अपनाने की अपील की।

प्रो. राघवेंद्र पी. तिवारी ने कहा कि रिसर्चिंग एक्सपर्ट को अभिनव समाधान खोजने और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के तरीकों पर शोध करने की जरूरत है। रिसर्च में स्थानीय व क्षेत्रीय मुद्दों जैसे मालवा क्षेत्र में भूजल प्रदूषण जैसी समस्याओं का समाधान लगाना शामिल होना चाहिए।

कोरोना काल में डिजिटल शिक्षा विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होने पर भविष्य में इसकी मांग बढ़ेगी जिसमें यूनिवर्सिटी टीचर्स को मूक्स और यूनिवर्सिटी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिसके लिए इनोवेशन व उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की जरूरत है।

इसमें नवोदित उद्यमियों को सहयोग के लिए स्मार्ट हैकाथॉन, अभिनव विचार प्रतियोगिता, उद्योग यात्राओं आदि जैसी गतिविधियां होनी चाहिए जिसमें संकाय को उद्योग के साथ काम करने की प्रक्रिया विकसित करने, बाजार की जरूरत को समझने तथा रोजगार योग्यता को बढ़ावा देने को छात्रों में कौशल विकसित करने की जरूरत बताई।



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