पूर्णिया5 मिनट पहले

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मास्टरमाइंड आफताब।

  • प्रेस कांफ्रेंस में मास्टरमाइंड ने एसपी के सामने ही जुर्म कबूला और खोली पुलिस की पोल
  • बोले एसपी-सत्यता की होगी जांच, संलिप्त पाए जाने पर ऐसे पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई

दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या करने वाले सातों अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद जब हत्या के मास्टरमाइंड आफताब को एसपी विशाल शर्मा ने हत्या कैसे की और हत्या के पीछे क्या राज है बताने कहा तो वह पुलिस की ही बखिया उधेड़ दी। हत्या का राज बताने के बाद जब मीडियाकर्मी ने उससे पूछा कि शक्ति मलिक के घर पुलिस का आना-जाना भी होता था। इस सवाल पर उसने कहा कि केहाट थाना के एक एसआई जिसका कुछ दिनों पहले बनमनखी तबादला हो गया है वह वहां आता-जाता रहता था।

शक्ति मलिक उसे रुपए से भी मदद करता था। उसने यह भी बताया कि वर्तमान में भी वहां के कुछ एसआई शक्ति मलिक के यहां आते-जाते थे। किसी महिला द्वारा अगर केहाट थाना में कोई आवेदन शक्ति मलिक के खिलाफ दिया जाता था तो वहां के पुलिस कर्मी शक्ति मलिक को इसकी जानकारी दे देते थे। शक्ति मलिक आवेदन देने वाली महिला को तरह-तरह की प्रताड़ना देता था। उसने यह भी बताया कि मुर्गी फार्म के पास रहने वाली एक महिला व उसके पति को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह तंग आकर थाना से लेकर वरीय अधिकारी तक आवेदन दिया।

लेकिन,उसपर कोई सुनवाई नहीं हुई। दलित नेता शक्ति मलिक की हत्या के खुलासे में कई चौंकाने वाली बात सामने आई है। वह ब्याज पर पैसे देकर उससे मनमाना रकम वसूलता था। इसके लिए वह कई तरह से प्रताडित करता था। ब्याज पर दिए गए 70 हजार रुपए के बदले वह स्टाम्प पर 2 लाख 10 हजार रूपए लिख लिया था और पैसे के लिए काफी दबाव देता था। पूर्णिया पुलिस ने हत्या के तीन दिन के अंदर हत्या करने वाले सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था।

हत्या कर रंगपुरा में जमा हुए थे सभी अपराधी
शक्ति मलिक की हत्या करने के बाद सभी सातों अपराधी मीरगंज के रंगपुरा में इकट्‌ठा हुआ था। शक्ति मलिक की हत्या के लिए आफताब व मो.तनवीर अंजुम ने अन्य पांच अपराधियों को इसमें शामिल किया था। आफताब व मो.तनवीर पांच अपराधी को शक्ति मलिक के घर रविवार की सुबह साढ़े तीन बजे भेजा था। दोनों पहले से ही शक्ति के यहां आते जाते थे इसलिए उसे सभी पहचानते थे।

इसमें तीन अपराधी शक्ति मलिक के घर में प्रवेश किया। एक अपराधी बाहर रहा,वहीं पांचवा रोड पर वॉच कर रहा था। हत्या कर सबसे पहल मो.जुनैद एवं अफरोज एक साथ भागा जो सीसीटीवी में दिख रहा है। वहीं,पीछे से सलीम लंगड़ाते हुए भागता दिखा। एसपी ने सबसे पहले आफताब व मो.तनवीर अंजुम को गिरफ्तार किया। उसके बाद घटना में शामिल सातों अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

शक्ति की हत्या में स्थानीय थे सभी सात अपराधी
बुधवार को एसपी विशाल शर्मा ने एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में बताया कि दलित नेता की हत्या करने वाले गिरफ्तार अपराधियों में मधुबनी सिपाही टोला का आफताब, केनगर रामपुर का सलीम उर्फ पच्चपन, मीरगंज रंगपुरा के मो.जुनैद, रंगपुरा के ही मो. फरोज, साहेबगंज जिले के महादेवगंज निवासी एकाम खान उर्फ मिराज, मीरगंज रंगपुरा के मो.युसूफ व माधोपाड़ा अरबिया कॉलेज के रहने वाले मो.तनवीर अंजुम शामिल हैं।

एसपी ने बताया कि दलित नेता की हत्या करने के लिए सभी अपराधी दो बाइक से आये थे। सिपाही टोला मधुबनी स्थित मस्जिद के समीप बाइक लगा दी थी। वहां से सभी अपराधी पैदल शक्ति मलिक के घर पहुंचे। इस हत्या का मास्टरमाइंड सिपाही टोला मधुबनी का आफताब था। आफताब ने पुलिस को बताया कि शक्ति मलिक द्वारा तरह-तरह का शारीरिक एवं मानिसक प्रताड़ना भी दी जाती थी।

इनलोगों ने एसपी को बताया कि शक्ति मलिक ब्याज पर रुपए देने के एवज में लोगों का ब्लैक हस्ताक्षर कराकर चेक,स्टांप पर नाम एवं पता आदि लिखकर रख लेता था। समय-समय पर चेक एवं स्टांप पर अपने तरफ से अधिक रुपए लिखकर पैसे वसूलने का धंधा करता था। एसपी ने बताया कि शक्ति मलिक के ऑफिस से रुपए गिनने वाली मशीन, डायरी आदि बरामद की गई है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

आफताब ने कहा-शक्ति रावण था हत्या करने के बाद कोई मलाल नहीं

दलित नेता की हत्या मामले का मास्टरमाइंड आफताब ने एसपी विशाल शर्मा के सामने कहा कि शक्ति मलिक गरीबों के लिए रावण था। रावण का वध कर मुझे कोई मलाल नहीं है। बता दें कि दैनिक भास्कर ने बताया था कि बाथरूम में छूटे तीन जोड़ी चप्पल अपराधियों के होंगे। दैनिक भास्कर ने सबसे पहले शक्ति मलिक के बाथरुम में अपराधियों के तीन चप्पल होने के बारे में बताया था। अब खुलासे में यह बात सामने आई है कि ये चप्पल अपराधियों के ही होंगे। क्योंकि अपराधी बाथरूम में आकर ही छुपा था और सुबह दरवाजा खुलते ही शक्ति मलिक को गोलियों से भून डाला। चप्पल संबंधी खबर छपने के बाद दूसरे दिन पुलिस घटना स्थल पहुंचकर तीनों चप्पल को जब्त किया था। एसपी विशाल शर्मा ने बताया कि जब्त तीनों चप्पल एफएसएल की टीम को फूट पिंट के लिए भेजा जायेगा।

केहाट थाने की पुलिस पर लगाए आरोप की कराई जाएगी जांच
पुलिस पर लगाए गए आरोप मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई दोषी पाए जाएंगे तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– विशाल शर्मा, एसपी



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