चंडीगढ़एक घंटा पहले

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}आग पर पानी कम, मिट्‌टी ज्यादा फेंकी गई…

डंपिंग ग्राउंड के कचरे में मंगलवार शाम को लगी आग बुधवार रात 11 बजे तक नहीं बुझ सकी। इसे बुझाने के लिए हरदम 2 वाटर बाउजर और four फायर टेंडर लगे हुए हैं। वहीं शिफ्ट वाइज फायर स्टाफ तैनात किया गया है। आग पर मिट्‌टी डालने के लिए 20 टिपर और डंपर लगाए गए हैं। मंगलवार को केवल चार डंपर ही मिट्‌टी डालने में लगाए गए थे।

बुधवार रात 11 बजे तक डंपिंग ग्राउंड के कचरे पर 112 टिपर एवं डंपर मिट्‌टी के डाले जा चुके थे। अफसरों का कहना है कि रात तक आग को कंट्रोल तक कर दिया है, लेकिन बीच-बीच में आग सुलगने लगती है। क्योंकि कचरे में मिथेन गैस है। उम्मीद है कि वीरवार को आज बुझा दी जाएगी। डंपिंग ग्राउंड में डाले जा रहे गारबेज और एग्रीकल्चर वेस्ट के सूख जाने से रैग पिकर द्वारा बिड़ी पीकर फेंक दी होगी।

जिससे की आग कचरे के पहाड़ में फैल गई। टॉप पर आग लगने से आस-पास एरिया में धुआं धुआं होता रहा। हालांकि बुधवार को आग बीच में कंट्रोल होती रही। फिर से सुलगती रही। आग पर पानी कम फेंका गया जबकि मिट्‌टी ज्यादा फेंकी गई। डंपिंग ग्राउंड की आग को बुझाने के लिए फायर की 6 गाड़ियां 2 दिन से लगी हैं।

लेकिन एमसी की ओर से बुधवार को दिन में गाड़ियों को बंद कर दिया था और आग पर मिट्‌टी ज्यादा फेंकी जानी लगी। हालांकि ज्यादा आग न बढ़े इस लिए फायर टेंडर को खड़ा करके रखा हुआ है। कचरे पर 56 गाड़ियाें से पानी फेंका गया। इस पानी से कचरे से लीचेट बनेगा। जिसकी बदबू से डड्‌डूमाजरा कॉलोनी के पास वाले मकानों में रहने वालों को परेशानी होगी।

इसी को देखते हुए आग पर पानी कम और मिट्‌टी ज्यादा फेंकी जा रही है। मिट्‌टी के लिए एमओएच की 7 डंपर , इंजीनियरिंग विंग की 10 टिपर एवं डंपर और स्मार्ट सिटी द्वारा डंपिंग के कचरे की खुदाई करवाने वाली कंपनी के तीन टिपर लगे हैं।

5 साल पहले डंपिंग ग्राउंड में लगी आग बुझाने में लगे थे 7 दिन

डंपिंग ग्राउंड के कचरे में साल में कई बार आग लगती रही है। गर्मियों में तो एक वीक में चार बार आग लगती रही है। लेकिन उसे पांच – सात घंटे में बुझाया जाता रहा है। इससे पहले डंपिंग ग्राउंड में 14 दिसंबर 2015 को लगी आग 20 दिसंबर को बुझाई जा सकी। तब भी 6 फायर टेंडर और मिट्‌टी फेंकने के लिए 20 टिपर को लगाया गया था।

एमसी, प्रशासन बनाए पाॅलिसी

डंपिंग ग्राउंड में लगी आग को देखने बुधवार को फॉसवेक के प्रेसिडेंट बलिजंद्र सिंह सिद्धू की अगुआई में एक दल वहां पहुंचा। बलजिंद्र सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी ने डंपिंग का कचरा खोदने के लिए 34 लाख का टेंडर अलॉट कर रखा है। वहीं गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट ठीक से वर्किंग न होने की वजह से ज्यादातर कचरा डंपिंग पर ही गिराया जा रहा है। ऐसे चलता रहा तो जल्द ही एक बड़ा पहाड़ और कचरे का खड़ा हो जाएगा

मिथेन गैस के कारण सुलगी

एडिशनल कमिश्नर एवं चीफ फायर ऑफिसर अनिल कुमार गर्ग का कहना है कि डंपिंग ग्राउंड के कचरे पर आज दिन में फायर की गाड़ियों ने कम ही पानी फेंका। क्योंकि आग पर पानी फेंकने से और फैल रही है। कचरे में मिथेन गैस दबी हुई हैं। थोड़ा गैप मिलते ही गैस से फिर आग सुलग जाती है। उसपर मिट्‌टी ज्यादा फेंकी जा रही है। फायर टेंडर ज्यादा आग लगने पर ही पानी फेंकते हैं। इसी लिए डंपिंग ग्राउंड पर दो वाटर बाउजर और चार फायर टेंडर खड़े किए हुए हैं।

80 फीसदी बुझ गई है

एमओएच डॉक्टर अमृत पाल सिंह वडिंग का कहना है कि डंपिंग के कचरे की आग 80 फीसदी बुझाई जा चुकी है। लेकिन बीच में आग सुलगने लगती है। हालांकि बुधवार रात को डंपिंग के कचरे की आग पर मिट्‌टी और पानी फेंकनी वाली टीम को 2 घंटे का रेस्ट दिया गया। टीम शिफ्ट में काम कर रही हैं। उम्मीद है कि वीरवार शाम तक आग को बुझाया जा सके।



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