उचाना7 मिनट पहले

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एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने मंगलवार को मंडी का औचक निरीक्षण करते हुए पीआर धान खरीद का जायजा लिया। किसानों से रूबरू होते हुए पीआर, बाजरा की खरीद को लेकर जानकारी ली। आढ़तियों से भी बातचीत खरीद के बारे में की। किसानों, आढ़तियों ने पीआर, बाजरा की खरीद पर संतुष्टि जाहिर की। पीआर की ढेरी पर जाकर वहां खुद आधा दर्जन के करीब ढेरियों पर जाकर खरीद करवाई।

अधिकांश पीआर की ढेरी में नमी सरकारी नियमानुसार मिलने पर उनकी खरीद हुई। जिन किसानों की फसल में नमी ज्यादा थी उन किसानों को एसडीएम ने कहा कि पीआर को फड़ पर सुखा कर दोबारा नमी की जांच करवाए। नमी अगर सरकार के नियमानुसार हुई तो तुरंत पीआर खरीदी जाएगी।

एसडीएम ने कहा कि ये सबसे अच्छी बात नजर आ रही है किसान कम नमी वाली फसल लेकर आ रहे है। फसल साफ होने के चलते फसल की खरीद मंडी में आते ही हो रही है। किसानों, आढ़तियों को खरीद के दौरान किसी तरह से परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इस तरह के औचक निरीक्षण वो समय-समय पर करते रहेंगे। किसानों, आढ़तियों को किसी तरह की परेशानी हो तो वो उन्हें पता सकते है।

मंडी प्रधान सत्यनारायण मखंड ने कहा कि अगर कोई आढ़ती नमी वाली ढेरी भरता है और गाड़ी वापिस आ जाती है तो उसकी जिम्मेदारी आढ़ती की होगी। आढ़ती सतपाल गर्ग, रामनिवास करसिंधु ने कहा कि बाजरा की खरीद बेहतर तरीके से हो रही है। पीआर की खरीद में भी किसी तरह की परेशानी नहीं आ रही है। सोमवार को ऑनलाइन गेट पास को लेकर जरूर परेशानी हुई थी जो शाम तक दूर हो गई।

मंगलपुर में भी पीआर की खरीद हुई शुरू

हैफेड द्वारा बाजरा की खरीद मंडी में की जा रही है। अब तक 3522 बाजरा के बैगों की खरीद हैफेड कर चुकी है। बीते साल दो एजेंसी खरीद बाजरा की कर रही थी। इस बार हैफेड खरीद कर रही है। बीते साल 1400 बैगों की खरीद हुई थी। अब तक सीजन की शुरूआत में बीते साल से दो गुना से अधिक खरीद बाजरा की फसल की हो चुकी है। उचाना में पीआर धान के भी हैफेड ने 770 बैगों खरीद की जा चुकी है। मंगलपुर गांव में परचेज सेंटर पर हैफेड द्वारा पीआर की खरीद शुरू की।

यहां पर सभी दिन हैफेड की खरीद करेंगी। हैफेड मैनेजर संदीप पूनिया ने बताया कि 500 पीआर के बैगों की खरीद की जा चुकी है। बाजरा, पीआर धान की खरीद को लेकर किसी तरह की परेशानी किसानों को नहीं आने दी जा रही है। जिस किसान ने फसल का पंजीकरण करवाया है उस फसल में सरकारी नियमानुसार नमी है उसको आते ही खरीदा जा रहा है। किसान नमी वाली फसल लेकर मंडी न आए, फसल को साफ करके भी लाए ताकि उनकी फसल आते ही बिकें।



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