पटनाएक घंटा पहलेलेखक: बृजम पांडेय

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बोंचहा विधायक और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बेबी कुमारी ने टिकट ना मिलने से विरोध कर दिया था।

  • बेबी कुमारी बोंचहा की वर्तमान विधायक और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं
  • टिकट ना मिलने से उन्होंने भरे मीडिया के सामने रोना-धोना शुरु कर दिया था

और बेबी मान गईं। बोंचहा की विधायक और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बेबी कुमारी ने टिकट ना मिलने से विरोध कर दिया। विरोध ऐसा कि उन्होंने भरे मीडिया के सामने रोना-धोना शुरू कर दिया था। यहां तक कि उन्होंने सबके सामने ऐलान कर दिया कि वो लोजपा से चुनाव लड़ेंगी। लगातार भाजपा के विरोधी नेताओं को लोजपा से चुनाव लड़ने को लेकर भाजपा सकते में आ गई। ऐसे में भाजपा के नेताओं ने बेबी को मनाने की कवायद शुरू कर दी। दो दिनों से लगातार हो रही कवायद के बाद बेबी को मना लिया गया है। भाजपा आलाकमान ने प्रोमिस किया है कि एनडीए की सरकार बनी तो उन्हें राज्यपाल कोटे वाली एमएलसी की सीट दी जाएगी। फिर बेबी मान गईं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बताया कि बोंचहा सीट भाजपा के खाते में नहीं आई इसलिए ये परेशानी हो गई। जबकि भाजपा बेबी कुमारी को चुनाव लड़ाना चाहती थी। लेकिन ये सीट वीआईपी में चली गई। संजय जायसवाल ने बताया कि बेबी कुमारी भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और इनकी अपने क्षेत्र में काफी पकड़ है। ऐसे कार्यकर्ताओं का भाजपा सम्मान करती है। हालांकि संजय जायसवाल ने सबके सामने नहीं कहा कि वो बेबी को एमएससी भेजेंगे। लेकिन बेबी ने लोजपा का सिंबल लौटा दिया और भाजपा में वापस आ गईं।

बेबी महादलित समुदाय से आती हैं। ऐसे में बेबी का विरोध करना भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकती थी। एक तरफ चिराग पासवान का इस तरह व्यवहार करना, उपर से भाजपा नेताओं का लोजपा में लगातार जाना, जदयू के सामने भाजपा की साख को गिरा रहा था। ऐसे में भाजपा नेताओं ने ऑपरेशन बेबी चला कर उन्हें मना लिया और ये वादा किया कि सरकार बनी तो उन्हें राज्यपाल कोटे से एमएलसी भेजा जाएगा।



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