भिलाई18 घंटे पहले

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  • सेल ने 7 महीनों में अपनी आयरन ओर माइंस के 21 लॉट फाइंस को बेचा

7 महीने में सेल अपनी विभिन्न आयरन ओर माइंस में जमा फाइंस के 21 लॉट की नीलामी कर चुकी है। दल्ली राजहरा के फाइंस को दोगुने दाम मिले हैं। सेल प्रबंधन अपनी बिगड़ी आर्थिक सेहत को सुधारने के लिए आयरन ओर माइंस में वर्षों से जमा फाइंस को बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। फरवरी से अब तक ओडिशा और छत्तीसगढ़ की माइंस में जमा माइंस के 21 लाट की नीलामी हो चुकी है। ओडिशा और बुलानी माइंस में नीलामी 16 और 29 अक्टूबर को होनी है। दल्ली की फाइंस 39 सौ रुपए टन में बिकी: उड़ीसा की माइंस में जमा फाइंस के विभिन्न लॉट जहां 1900-2100 रुपए प्रति टन बिके, वहीं दल्ली राजहरा के फाइंस को 3900 रुपए टन के दाम में प्राइवेट पार्टियों ने खरीदा।

बीएसपी ने 1.68 लाख टन फाइंस अब तक बेचा
बीएसपी की कैप्टिव माइंस दल्ली राजहरा से अब तक 5 लाट में 1.67 लाख टन फाइंस बेचा जा चुका है। इनमें 28-28 हजार टन के चार और 56000 टन का एक लाट शामिल है। इनमें पहला लाट 3900 टन में बिका। बाद के लाट 3720 रुपए टन के भाव से बिके।

मुख्य माइंस में क्लीयरेंस का अब भी है इंतजार
उड़ीसा और छत्तीसगढ़ सरकार से मंजूरी के बाद सेल प्रबंधन यहां की माइंस में जमा फाइंस बेचने में सफल रहा लेकिन झारखंड सरकार से क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण वहां की माइंस में जमा फाइंस बेचने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है।

जानिए आयरन ओर फाइंस का स्टील प्लांट में उपयोग
स्टील प्लांट में आयरन ओर फाइंस का इस्तेमाल पैलेट के रूप में स्टील प्रोडक्ट तैयार करने में किया जाता है। इसमें कोकिंग कोल की खपत आधी रहती है। जिसकी वजह से उत्पादन लागत भी कम होती है। ॉलंप का उपयोग करने पर कोकिंग कोल की खपत लगभग डबल हो जाती है जिसका असर उत्पादन लागत पर भी पड़ता है।

54 हजार करोड़ से अधिक के कर्ज में है कंपनी
सेल वर्तमान में 54 हजार करोड़ के कर्ज में है। कंपनी के एकीकृत इस्पात संयंत्र में आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण परियोजना को पूरा करने के लिए प्रबंधन को बड़ी राशि बैंकों से कर्ज के रूप में जुटाने पड़ी। पहले परियोजना को पूरा करने में देरी से प्रोजेक्ट की लागत बढ़ गई। प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो मंदी का खतरा भी बना हुआ है।

इधर आयरन ओर का उत्पादन बढ़ाने का टारगेट
कोविड-19 अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद देश के स्टील मार्केट में इस्पात उत्पादों की डिमांड बढ़ने लगी है। वहीं बीएसपी में बंद फर्नेसों के उत्पादन में आने के बाद आयरन ओर की डिमांड भी बढ़ गई है। अभी तक दल्ली राजहरा माइंस से four से 5 रैक आयरन ओर आ रहा था, बीएसपी प्रबंधन में एक रैक आयरन ओर भेजने का भी टारगेट दे दिया है।



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