चंडीगढ़three घंटे पहले

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फाइल फोटो

  • जीएमएसएच-16 में आज से ओपीडी सर्विस शुरू, ओपीडी खोलने को लेकर मीटिंग्स का दौर शुरू

कोरोना के फैलाव से बचने के लिए पीजीआई के इतिहास में पहली बार ओपीडी पिछले सात महीने से बंद पड़ी है। पीजीआई प्रबंधन के अनुसार ओपीडी बंद होने के बावजूद मरीजों की किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मरीजों को डॉक्टर के पास पहुंचना तो दूर ओपीडी में एंटर करना बड़ी चुनौती है।

पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने रविवार को बयान जारी कर कहा है कि वह नॉन कोविड मरीजों के प्रति अपनी जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्ध हैं और और फिजिकल ओपीडी जल्द खोलने के लिए इच्छुक भी है। प्रो. जगत राम के मुताबिक कोविड से पहले पीजीआई की न्यू ओपीडी में रोजाना 10 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते थे।

इतनी भारी संख्या में मरीजों की संख्या को देखते हुए हमने फिजिकल ओपीडी खोलने के लिए कुछ और समय का इंतजार करने का फैसला लिया है। प्रो. जगत राम ने कहा कि जैसे ही कोरोना संक्रमित मरीज 50 से कम होना शुरू हो जाएंगे और तब जाकर हम कोई फैसला लेने की स्थिति में होंगे। उन्होंने कहा है कि जल्दबाजी में फैसला लेकर दूसरों के जीवन को खतरे में नहीं डालना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि आगामी फेस्टिव सीजन को देखते हुए लगभग सभी चीजों को अनलॉक किए जाने के बाद, कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि से इन्कार नहीं किया जा सकता । हम संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हालांकि हमने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ओपीडी खोलने के लिए पहले से तैयारियों में जुटे हुए हैं। महामारी के दौरान नॉन-कोविड रोगियों के खानपान के बारे में उन्होंने कहा कि यह एक गलत धारणा है कि फिजिकल ओपीडी बंद होने के कारण नॉन-कोविड मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा रहा है। प्रो. जगत राम ने कहा कि पीजीआई में टेली मेडिसिन सर्विस के जरिए रोजाना 1800 से 2000 मरीजों की टेली कंसंल्टेंसी की जा रही है। पीजीआई ने 19 मई से लगभग चार लाख रोगियों को ओपीडी कंसल्टेंसी दी है। इसके अलावा, 27,722 सर्जरी की गई हैं और 30,389 रोगियों ने विभिन्न डिपार्टमेंट्स में जाकर इलाज कराया है।

उन्होंने कहा कि कोविड काल से अब तक गायनी, रेडियोथेरेपी और आई डिपार्टमेंट में फिजिकल ओपीडी सेवाएं जारी रखने के लिए उनकी प्रशंसा की है। इसके अलावा इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में कोविड-19 के दौरान चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल के मरीजों को देखा गया। वर्तमान में टेली कंसल्टेंसी रजिस्ट्रेशन का समय भी एक घंटा बढ़ा दिया गया है।



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