Posted By ankushshrma98 Posted On

Oil tanker proprietor reached excessive courtroom for oil provide from Indian oil terminal | इंडियन ऑयल टर्मिनल से तेल आपूर्ति को लेकर ऑयल टैंकर मालिक पहुंचे हाईकोर्ट


अम्बाला11 घंटे पहले

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कैंट में आईओसीएल टर्मिनल

  • याचिकाकर्ताओं ने जल्द सुनवाई के लिए डबल बेंच में लगाई गुहार, मगर सिंगल बेंच में ही होगी

इंडियन ऑयल की अम्बाला व आसपास जिलों में होने वाली तेल की आपूर्ति जीटी रोड पर स्थित अम्बाला टर्मिनल से हो, इसे लेकर ऑयल टैंकर मालिकों ने एकजुट होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की आगामी सुनवाई 28 अक्टूबर को है। याचिकाकर्ता चाहते थे कि सुनवाई डबल बेंच करे जिससे जल्द सुनवाई हो, मगर इस याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए सिंगल बेंच में ही जाने को कहा है।

ऑयल टैंकरों के मालिक अम्बाला के अलावा पंचकूला, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर के लिए पेट्रोल की आपूर्ति अम्बाला स्थित इंडियन ऑयल टर्मिनल से करते थे। मगर 23 सितंबर से four जिलों में पेट्रोल की आपूर्ति अब पानीपत टर्मिनल से होने लगी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इंडियन ऑयल से उनका कांट्रेक्टर वर्ष 2021 तक है और कम से कम तब तक आपूर्ति अम्बाला टर्मिनल से ही की जाए।

सप्लाई पानीपत शिफ्ट होने के कारण अब उन्हें अपने टैंकर पानीपत लेकर जाने पड़ रहे हैं और फिर वहां से वापस लौटना पड़ रहा है। कई टैंकर मालिकों के टैंकर 10 साल से ज्यादा पुराने हैं। पानीपत एनसीआर में आता है, जहां एनजीटी के निर्देशानुसार प्रदूषण नियंत्रण के लिए पुराने टैंकर चलाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में उन्हें परेशानियां हो रही है। याचिकाकर्ताओं का यह भी तर्क है कि पेट्रोल की सप्लाई पानीपत में शिफ्ट कर इंडियन ऑयल अपना ही करोड़ों रुपए का नुकसान कर रही है।

इस तरह हो रहा इंडियन ऑयल को नुकसान

पंचकूला, अम्बाला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र जिलों में अम्बाला टर्मिनल से तेल आपूर्ति होती थी और प्रति टैंकर 1500 से 3000 रुपए किराया था, मगर बीती 23 सितंबर से सप्लाई पानीपत से हो रही है और इंडियन ऑयल को प्रति टैंकर eight से 9 हजार रुपए अदा करने पड़ रहे हैं। प्रतिदिन four जिलों के लिए 200 से ज्यादा ट्रकों के माध्यम से तेल आपूर्ति होती है। याचिका के माध्यम से टैंकर मालिकों ने कांट्रेक्ट अवधि तक सप्लाई को अम्बाला से ही बहाल करने की मांग की है। इसके अलावा डीजल का स्टॉक भी अम्बाला टर्मिनल में एक-दो दिन का बचा है। यानि डीजल की सप्लाई में जल्द पानीपत शिफ्ट होगी।

एयरफोर्स व आर्मी को भी दिक्कत होगी

अम्बाला से टर्मिनल शिफ्ट होने पर एयरफोर्स और आर्मी को भी परेशानी होना तय है। अम्बाला टर्मिनल से चंडीगढ़ एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन के अलावा अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन को भी एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) सप्लाई होता है। इसके अलावा सेना को भी भारी मात्रा में पेट्रोल व डीजल सप्लाई होती है। सूत्र बताते हैं कि सेना ने अम्बाला से ही तेल आपूर्ति बनाए रखने का आह्वान आईओसी प्रबंधन से किया है।

इसलिए उत्पन्न हो रही समस्या

आईओसी टर्मिनल रिहायशी काॅलोनी के निकट बना है, इस वजह से इसे शिफ्ट करने की कवायद चल रही है। एक्साइज एरिया के इस्टेट ऑफिसर द्वारा आईओसी टर्मिनल को खाली कराने का 29 जून को नोटिस दिया गया था। साथ ही अवैध निर्माण करने का आरोप लगाते हुए 18.93 करोड़ रुपए जमा कराने को कहा गया था। सरकार से आईओसी टर्मिनल की लीज अवधि 30 वर्ष थी जोकि 2010 में ही समाप्त हो चुकी है, इसके बाद लीज को रिन्यू नहीं किया गया था। आईओसी प्रबंधन ने अम्बाला टर्मिनल से दूरस्थ व नजदीक क्षेत्रों में की जाने वाली तेल की आपूर्ति को अन्य टर्मिनल पर शिफ्ट कर दिया है। मगर इस्टेट ऑफिसर के नोटिस के खिलाफ जुलाई माह में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। कोर्ट में यह तर्क दिया गया था कि लीज अवधि आगे 30 वर्ष तक एक्सिडेंट किए जाने का प्रावधान है। यह मामला भी अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।



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