रांची14 मिनट पहले

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फाइल फोटो

  • निगम की मांग- विभाग टैक्स माफ कर आर्थिक नुकसान की भरपाई करे

शहर के 53 वार्डों में स्थित करीब 2 लाख भवन मालिकों काे हाेल्डिंग टैक्स में छूट का काेई लाभ नहीं मिलेगा। क्योंकि, रांची नगर निगम द्वारा काेराेना संक्रमण की वजह से हाेल्डिंग टैक्स में छूट देने से संबंधित प्रस्ताव काे नगर विकास विभाग ने मानने से इंकार कर दिया है।

विभाग के स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा) ने नगर निगम काे पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान समय में हाेल्डिंग टैक्स में किसी तरह की छूट नहीं दी जा सकती। सूडा के इस पत्र से साफ हाे गया कि अब टैक्स में छूट की आस लगाए बैठे लाेगाें काे काेई राहत नहीं मिलेगी। अब उन्हें वित्तीय वर्ष 2020-21 के हाेल्डिंग टैक्स का भुगतान 10 फीसदी जुर्माने के साथ करना हाेगा।

आश्वासन प्रस्ताव तक सिमटा, फंसे आम लाेग
23 मई 2020 काे हुई नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने 1000 वर्गफीट के क्षेत्रफल के घराें का हाेल्डिंग टैक्स माफ करने और उससे अधिक क्षेत्रफल के घराें के टैक्स में 50 फीसदी की छूट देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव काे स्वीकृत कर नगर विकास विभाग काे भेजा गया था, क्योंकि टैक्स माफ करने और छूट देने से हाेने वाले नुकसान की भरपाई करने की मांग भी सरकार से की गई थी। प्रस्ताव भेजने के बाद मेयर-डिप्टी मेयर लाेगाें काे टैक्स छूट का भराेसा देते रहे।

मेयर का एमसी को आदेश…विभाग ने जो कंपनी चुना उसका एग्रीमेंट रद्द करें

राजधानी के 2 लाख घराें से हाेल्डिंग टैक्स कलेक्शन और ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए सूडा ने श्री पब्लिकेशन कंपनी को चुना। कंपनी के साथ निगम के अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से एग्रीमेंट भी कर लिया है। इसकी सूचना मिलने के बाद मेयर आशा लकड़ा नाराज हो गईं। उन्हाेंने नगर आयुक्त को फटकार लगाई है। नगर आयुक्त काे तत्काल श्री पब्लिकेशन के साथ हुए एग्रीमेंट काे रद्द करने और पहले से टैक्स कलेक्शन का काम कर रही कंपनी स्पैराे साॅफ्ट काे एक्सटेंशन देते हुए three दिनाें के अंदर एग्रीमेंट करने का निर्देश दिया। इस संबंध में नगर आयुक्त (एमसी) ने कहा कि राजस्व संग्रहण के लिए सूडा ने कंपनी का चयन किया है। निगम ने सिर्फ एग्रीमेंट किया है। मेयर ने क्या निर्देश दिया है, इसकी जानकारी नहीं है।

प्रस्ताव खारिज हाेने से बढ़ेगा आर्थिक बाेझ
काेराेना की वजह से निम्न से लेकर मध्यम वर्ग के लाेगाें की आर्थिक स्थिति खराब हाे गई है। छूट देने पर करीब 25 कराेड़ का आर्थिक बाेझ निगम पर पड़ता। इसलिए विभाग से पैसा के साथ इसकी अनुमति मांगी गई थी।

-संजीव विजयवर्गीय, डिप्टी मेयर

आमने-सामने

बड़ा आर्थिक नुकसान इसलिए प्रस्ताव खारिज
नगर निकायों के राजस्व का प्रमुख स्त्रोत होल्डिंग टैक्स है। इसे माफ करने से बड़ा आर्थिक नुकसान हाेता। सरकार के पास भी उतना फंड नहीं है कि इस नुकसान की भरपाई हाे। इसलिए प्रस्ताव काे अस्वीकृत कर दिया गया है।

-अमित कुमार, निदेशक, सूडा



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