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जगदलपुरfour घंटे पहले

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फोटो जगदलपुर की है। महिला काफी देर तक इसी तरह पड़ी रही, लोग भी उसकी हालत देखकर परेशान हो उठे, करीब 30 मिनट तक यही नजारा रहा।

  • जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज का मामला, कोरोना संक्रमित होने की वजह से भेदभाव
  • स्ट्रेचर पर लेटाकर चला गया मेडिकल स्टाफ, यूं ही पड़ी रही संक्रमित महिला

जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स का अमानवीय चेहरा सामने आया है। यहां डिलीवरी के बाद एक महिला और उसके बच्चे को स्ट्रेचर पर छोड़ दिया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि महिला कोरोना पॉजिटिव थी। मेडिकल टीम ने कहा दिया कि यहां कुछ नहीं हो सकता अब इसे कोविड अस्पताल लेकर जाओ। कुछ देर पहले ही जन्मे बच्चे के साथ महिला को इस तरह से उसके हाल पर छोड़ने का वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

कोरोना संक्रमित को इस तरह से भेजा गया ना पीपीई किट थी ना ही कोई विशेष सावधानी।

कोरोना संक्रमित को इस तरह से भेजा गया ना पीपीई किट थी ना ही कोई विशेष सावधानी।

महिला लोहांडीगुड़ा इलाके से लाई गई थी। गर्भवती को प्रसव पीड़ा होने की वजह से परिजन इसे लेकर आए। महिला की डिलीवरी होते ही पता चला कि वह कोविड पॉजिटिव है। इसके बाद गायनिक डिपार्टमेंट के डाक्टर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, नियमों का हवाला देकर कह दिया कि इसे कोविड हास्पिटल ले जाओ। यह भी नहीं सोचा गया कि महिला को ले जाने में कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का पालन होगा या नहीं। महिला के साथ आए उसके घर वाले परेशान होते रहे। कुछ देर बाद अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने बिना पीपीई किट के महिला की मदद की। एक एंबुलेंस तक उसके स्ट्रेचर को पहुंचाकर कोविड अस्पताल रवाना किया।



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