रायपुर30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

गरियाबंद में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो सगे भाइयों ने एक युवक से 3.5 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी दोनों भाई शिक्षाकर्मी हैं और रायपुर में पदस्थ हैं।

  • आरंग थाने में 12 साल बाद दर्ज कराई एफआईआर, गरियाबंद एसपी से शिकायत के बाद कार्रवाई
  • आरोपियों ने पंचायत में भी किस्तों में रुपए देने की बात स्वीकारी, लेकिन बाद में देने से मुकर गए

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो सगे भाइयों ने एक युवक से 3.5 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी दोनों भाई शिक्षाकर्मी हैं और रायपुर में पदस्थ हैं। युवक का यह भी आरोप है कि दोनों भाइयों ने फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की है। करीब 12 साल बाद गरियाबंद एसपी से शिकायत की गई। इस पर आरंग थाने में मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, गरियाबंद में फिंगेश्वर के रजकट्‌टी गांव निवासी थानूराम साहू बेरोजगार था। साल 2008 में पड़ोसी गांव पत्थर्री निवासी भाइयों भेखलाल साहू व खेमलाल साहू की शिक्षाकर्मी के पद पर नौकरी लगी। आरोप है कि दोनों भाइयों ने थानूराम को ऊंची पहुंच होने का झांसा दिया और सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। इस पर थानूराम ने कर्ज से रुपयों का जुगाड़ कर 3.5 लाख रुपए दे दिए।

पहले पंचायत में किस्तों में लौटाने को हुए तैयार, फिर मुकर गए

इसके बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी। थानूराम का कहना है कि वह रुपए लौटाने की बात करता तो आरोपी टाल जाते। इस पर उसने गांव में पंचायत बुलाई। इसमें दोनों भाइयों ने रुपए लेने की बात स्वीकारी और किस्तों में लौटाने को तैयार हो गए। हालांकि फिर भी रुपए नहीं दिए और दोबारा बुलाई गई पंचायत में थानूराम को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इसके बाद पंचायत ने पुलिस में जाने की सलाह दी।

दोनों भाइयों की मार्कशीट की कॉपी भी पुलिस को सौंपी
थानूराम ने दोनों भाइयों पर फर्जी मार्कशीट और अनुभव प्रमाणपत्र से नौकरी करने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि दोनों भाइयों ने फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर शिक्षाकर्मी ग्रेड-Three में नौकरी हासिल की। इसके बाद 12 साल से वेतन ले रहे हैं और सरकार से धोखाधड़ी की है। थानूराम ने नौकरी के दौरान लगाई गई मार्कशीट और इंटरनेट से निकाली दोनों भाइयों की मार्कशीट की कॉपी भी पुलिस को सौंपी है।



Supply hyperlink

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *