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झुंझुनू12 मिनट पहले

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झुंझुनू जिले में अब तक कुल 85701 कोरोना सैंपल की जांच की जा चुकी है।

  • इससे पहले शुक्रवार को 49 कोरोना संक्रमण मरीज मिले थे

शनिवार झुंझुनू में कोरोना के 46 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। जिसके बाद सरकार के हिसाब से जिले में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3745 पहुंच गया। वहीं, 11 लोगों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। जिसके बाद कुल डिस्चार्ज हुए लोगों की संख्या 3500 पहुंच गई है। सरकारी आकड़ों की माने तो जिले में अब सिर्फ 209 एक्टिव केस ही बचे हैं।

जिले में अब तक कुल 85701 कोरोना सैंपल की जांच की जा चुकी है। जिसमें से 3745 लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं कुल 36 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को 49 कोरोना संक्रमण मरीज मिले थे।

एक सप्ताह में 34.48 फीसदी मरीज सामने आए

जिले में 13 से 18 नवंबर तक काेराेना काफी गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। माैसम में ठंडक और तापमान में कमी के अलावा लाेगाें की लापरवाही से मरीजाें की संख्या बढ़ रही है। विभाग ने 13 नवंबर काे 394 सैंपल लिए जिसमें 62 पाॅजिटिव, 14 काे 145 सैंपल में 50 पाॅजिटिव, 15 काे 72 सैंपल में 20 पाॅजिटिव, 17 काे 204 सैंपल में 23 पाॅजिटिव मिले।

इसी तरह 18 नवंबर काे लिए 480 सैंपल की जांच में 52 संक्रमित मिले। इस सप्ताह के आंकड़े देखें ताे 34.48% तक पाॅजिटिव केस आए हैं। यानी हर दिन औसतन 35 कोरोना पॉजिटिव सामने आ रहे हैं। अब भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। सी ही स्थिति रही तो आने वाले समय में जिले में कोरोना संक्रमण की तस्वीर डराने वाली हो सकती है। इसलिए मास्क अवश्य पहनें।

ऐसी लापरवाही मत कीजिए: तस्वीर झुंझुनूं बस स्टैंड की है। त्योहारी सीजन के कारण बसों में कुछ दिन से भीड़ है। सामने आया है कि लोग गैर जरुरी काम के लिए भी सफर तो कर ही रहे हैं, लेकिन साथ में सावधानी भी नहीं बरत रहे।

ये हैं three साइड इफेक्ट

1 इसका अधिक असर फेफड़ों पर पड़ रहा। ये कई महीनों तक रहता है। जरुरी है कि समय पर डॉक्टर से सलाह ली जाए।

2 नसों में खून की क्लाटिंग के कारण कुछ मरीजों के हार्ट पर भी असर हो रहा है।

three निगेटिव होने के बावजूद लंबे समय तक शरीर में कमजोरी का अहसास रहता है।

नई चुनौती : लक्षणों के बाद रिपोर्ट आ रही निगेटिव

कोरोना को लेकर नई चुनौती यह भी आ रही है कि जांच के बाद कई सैंपल निगेटिव आ रहे हैं। प्रदेश में ऐसे मामले सामने आए हैं। आमजन खांसी, जुकाम, हल्का बुखार होने पर जांच करवाते हैं तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आती है, लेकिन कोरोना शरीर के अंदर अपना काम करता रहता है। जिससे कुछ दिन में तबीयत ज्यादा खराब हो जाती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सीटी स्कैन की सलाह देते हैं। जिसमें लंग्स पर बुरा असर सामने आता है।



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