प्रयागराज/हाथरस22 मिनट पहले

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हाथरस कांड के पीड़ित परिवार के घर में बुधवार को सीसीटीवी में लगाया गया है।

  • पीड़ित परिवार की याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई संभव
  • सुरक्षा व्यवस्था लेकर योगी सरकार आज सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी याचिका
  • बुधवार को जिला प्रशासन ने पीड़ित के घर में सीसीटीवी लगाए, घर में व बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात किए

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित बलात्कार व उसकी मौत के बाद से बूलगढ़ी गांव में पीड़ित परिवार से देशभर से तमाम लोग मुलाकात करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। गली-घर में सीसीटीवी लगाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात हैं। लेकिन इस बीच पीड़ित परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई है कि उनको एक तरह से बंदी बना लिया गया है। बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी।

वहीं, योगी सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। दरअसल, बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं? एफिडेविट देकर बताएं।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से three सवाल पूछे

  • पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या कर रहे हैं?
  • क्या पीड़ित परिवार ने वकील चुन लिया है?
  • क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही से इस केस का दायरा बढ़ सकता है?

परिवार की याचिका में और क्या है?

हाईकोर्ट से जिला प्रशासन को यह कहने के लिए कहा गया है कि परिवार को कारावास जैसी स्थिति से मुक्त किया जाए। घरों से बाहर निकलने व लोगों से मिलने की छूट मिले। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 29 सितंबर से जिला प्रशासन ने परिवार को उनके घर में अवैध रूप से कैद कर दिया है और तब से उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि बाद में कुछ लोगों से मिलने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अभी भी हम खुलकर किसी से बात नहीं कर सकते हैं। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है।

याचिका में अखिल भारतीय वाल्मीकि महापंचायत के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र कुमार ने दावा किया कहा है कि उन्हें पीड़ित परिवार ने टेलीफोन पर संपर्क किया था और उनकी ओर से यह याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि, किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने पर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष दायर की जाती है। अदालती कार्यवाही के दौरान, अगर अदालत को पता चलता है कि व्यक्ति अवैध रूप से हिरासत में है, तो वह उस व्यक्ति की रिहाई का आदेश दे सकता है।

पीड़ित के घर में लगाया गया मेटल डिटेक्टर मशीन।

पीड़ित के घर में लगाया गया मेटल डिटेक्टर मशीन।

घर में मेटल डिटेक्टर व सीसीटीवी

पीड़िता के घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परिवार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। हर एक व्यक्ति के साथ दो जवान तैनात हैं। घर के बाहर एक दरोगा के नेतृत्व में छह जवान तैनात हैं। गेट पर दो दरोगाओं की तैनाती की गई है। घर के भीतर आने जाने वालों का पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है। एडीएम जगदंबा पाल ने कहा था कि पीड़ित परिवार से तमाम लोग मिलने आ रहे हैं। कोई भी कुछ भी अवांछनीय पदार्थ ला सकता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

दो विशेष अधिकारी हाथरस और अलीगढ़ में किए गए तैनात

गृह विभाग ने अलीगढ़ रेंज और हाथरस के लिए विशेष पुलिस अधिकारी तैनात किए है। एडीजी राजीव कृष्ण को अलीगढ़ रेंज और डीआईजी शलभ माथुर को हाथरस में कानून व्यवस्था को कायम रखने की जिम्मेदारी दी गई है। अगले 7 दिनों तक दोनों अधिकारी विशेष अफसरों के तौर पर अपने कामकाज देखेंगे। एडीजी राजीव कृष्ण अलीगढ़ में रहकर अलीगढ़ रेंज के सभी जिलों में कानून व्यवस्था को बनाए रखेंगे। हाथरस के लिए डीआईजी शलभ माथुर हाथरस में कैंप करेंगे। चंदपा थाना क्षेत्र में हो रही गतिविधियों शलभ माथुर नजर रखेंगे। दोनों अफसर सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे।



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