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  • Hathras Gangrape Case Newest Information And Updates: Foremost Accused Sandeep Thakur Wrote Letter To SP From Jail Over Gang Rape Case In Hathras Uttar Pradesh

हाथरस31 मिनट पहले

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हाथरस कांड के मुख्य आरोपी संदीप को पुलिस जेल भेज चुकी है। यह फोटो तब की है, जब उसे चंदपा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

  • संदीप ने 7 अक्टूबर को एसपी को लेटर लिखा, अब सोशल मीडिया पर वायरल
  • अन्य आरोपी रामू की भाभी ने जेल में बंद चारों आरोपियों की जान को खतरा बताया

हाथरस के बुलगढ़ी गांव में 19 साल की दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप और उसकी मौत के मामले में गुरुवार को नया खुलासा हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी संदीप ने 7 अक्टूबर को जेल से हाथरस के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा, जो गुरुवार को सामने आया। संदीप ने खुद को और तीन अन्य आरोपियों को बेकसूर बताते हुए पीड़िता की मां और उसके भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

संदीप ने कहा कि लड़की से उसकी दोस्ती थी। ये बात उसके परिवार को पसंद नहीं थी। घटना वाले दिन वह मौके पर था। लेकिन उसे लड़की की मां और भाई ने घर भेज दिया था। बाद में उसे आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। जबकि लड़की के साथ उसकी मां और भाई ने ही मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। संदीप ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेटर पर अन्य आरोपी रवि, रामू और लवकुश के हस्ताक्षर हैं।

पत्र में संदीप ने लिखा- एसपी साहब, हमें न्याय दिलाएं
संदीप ने लिखा- ‘‘मुझे 20 सितंबर को झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया है। मुझ पर आरोप लगाया कि गांव की लड़की के साथ गलत काम और मारपीट की गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। इस झूठे मुकदमे में अलग-अलग दिनों में गांव के तीन अन्य लोगों लवकुश, रवि और रामू को जेल भेजा गया। यह मेरे रिश्ते में चाचा हैं। पीड़ित गांव की अच्छी लड़की थी, जिससे मेरी दोस्ती थी। मुलाकात के साथ मेरी और उसकी कभी-कभी फोन पर भी बात होती थी। लेकिन हमारी दोस्ती उसके परिवार वालों को पसंद नहीं थी। घटना के दिन उसकी और मेरी खेत पर मुलाकात हुई थी। उसके साथ मां और भाई भी थे। उनके कहने पर मैं अपने घर चला गया और पिताजी के साथ पशुओं को पानी पिलाने लगा। बाद में मुझे गांव वालों से पता चला कि मेरी दोस्ती को लेकर लड़की को उसकी मां और भाई ने मारा-पीटा था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे बाद में वह मर गई। मैंने कभी पीड़िता के साथ मारपीट और गलत काम नहीं किया। मामले में लड़की की मां और भाई ने मुझे और तीन अन्य लोगों को झूठे आरोप में फंसाकर जेल भिजवा दिया। हम सभी लोग निर्दोष हैं। कृपया, मामले की जांच कराकर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें।’’

जेल में जान को खतरा बताया गया
इस बीच, आरोपियों के परिजन ने जेल में बंद अपने लड़कों की जान को खतरा बताया। उनका कहना है कि हमारे बच्चे जेल में सुरक्षित नहीं हैं। आरोपी रामू की भाभी ने कहा कि जेल में नेता मिलने जा रहे हैं। कहा जाता है कि जेल में सुरक्षा होती है। लेकिन मेरे बच्चों को जेल में खतरा है।

6 माह में 104 बार फोन कॉल्स का खुलासा हुआ था
बुधवार को मुख्य आरोपी संदीप और लड़की के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ था। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार बातचीत हुई। पूरा कॉल ड्यूरेशन करीब 5 घंटे का है, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़ित के भाई की तरफ से एक-दूसरे को किए गए। जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़ित के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी। इसी फोन से पीड़ित और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। सीडीआर में दोनों के बीच बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना पाया गया। फिलहाल, इस केस की जांच कर रही एसआईटी को गृह विभाग ने 10 दिन का समय और दिया है।

क्या है पूरा मामला?
हाथरस में 14 सितंबर को four लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। मंगलवार को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में भी रेप न होने की बात कही गई है।

योगी सरकार मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।



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