चरखी दादरीएक घंटा पहले

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आशा वर्करों द्वारा अपनी मांगों व समस्याओं को लेकर पिछले करीब दो माह से लगातार आंदोलन की राह पर चला जा रहा है। एसकेएस कार्यालय के समीप आशा साथियों द्वारा धरना देते हुए अपने हकों की मांग को लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन सरकार इसकी गंभीरता को न समझने का नाटक कर रही है। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता प्रमिला ने की। संचालन सुमित्रा ने किया। धरने पर सीएचसी झोझू की आशा वर्कर बैठी।

धरना स्थल पर पहुंचे एसकेएस जिला प्रधान राजकुमार व बर्खास्त पीटीआई ने पहुंच कर समर्थन दिया। राज्य उपप्रधान कमलेश ने कहा कि सरकार की वायदा खिलाफी की पोल बरोदा उपचुनाव में खोली जाएगी। सरकार की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। सरकार कहती कुछ है और करती कुछ ओर ही है।

लगातार कर्मचारी विरोधी नीतियां बना कर कर्मियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हजारों कर्मियों को सरकार ने कोविड की आड में नौकरी से निकालने का काम किया है। इसके अलावा हजारों को हटाने की तैयारी है। सरकार तानाशाही पर उतर आई है किसी वर्ग की बात सुनने को तैयार नहीं है। बरोदा उपचुनाव में सरकार की ओर से आयोजित रैली में पूरे प्रदेश से आशा वर्कर व अन्य कर्मी पहुंच कर पोल खोलने का कार्य करेंगे। जिससे कि सोई सरकार को जगाया जा सके। कमलेश ने कहा कि इस बार ठोस व लिखित आश्वासन के बिना आशा वर्कर संघर्ष समाप्त नहीं करेंगी। यहां भतेरी, सुनिता, कविता, सुशीला, पिंकी, रेखा सहित अन्य साथी उपस्थित थी।



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