रांची26 मिनट पहले

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फाइल फोटो

  • गुटखा पर हाईकोर्ट के सवाल पर खाद्य-सुरक्षा सचिव ने साधी चुप्पी

झारखंड में गुटखा प्रतिबंध को लेकर फरियादी फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के विशेष सचिव चंद्र किशोर उरांव ने सरकार का पक्ष रखा। कोर्ट को बताया कि झारखंड में गुटखा पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।

इस पर मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन खुद पैसे देकर बाहर की दुकान से गुटखा मंगाया और सरकार के स्पेशल सचिव को दिखाते हुए पूछा- यह कैसा प्रतिबंध है? आपने कहा कि प्रतिबंध है और मैंने बाहर में बिक रहा गुटखा मंगाकर दिखा दिया। इसके बाद सचिव ने कोर्ट को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार की ओर से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चीफ जस्टिस और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने गुटखा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर विस्तृत जवाब देने का आदेश दिया। अब अगली सुनवाई four दिसंबर को होगी।

अगली सुनवाई अब चार दिसंबर को होगी

खंडपीठ ने पूछा-रोकथाम के लिए कैसे अधिकारी को लगाया है
चीफ जस्टिस ने कहा कि गुटखा बिक रहा है तो यह बाहर से आ रहा है या यहां बन रहा है, इसे देखना चाहिए। अगर बाहर से गुटखा आ रहा है तो उसे रोकने के क्या उपाय किए गए हैं। इसकी रोकथाम के लिए कैसे अधिकारी को लगाया गया है? इन सवालों का सकारात्मक जवाब सचिव नहीं दे पाए।

प्रतिबंध से पहले कोई स्टडी या योजना बनाई गई थी?
चीफ जस्टिस ने विशेष सचिव से पूछा कि गुटखा पर प्रतिबंध लगाने से पहले कोई योजना बनाई गई थी या स्टडी की गई था। गुटखा से कितना नुकसान या सरकार को राजस्व का कितना नुकसान होता है। इस पर कोई सरकार की स्टडी रिपोर्ट है।



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