गोड्डा6 घंटे पहले

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डॉक्टर विजय कृष्ण की फाइल फोटो। डॉक्टर विजय कृष्ण पटना के राजेन्द्र नगर के रहने वाले हैं।

  • पैसे के कारण विवाद होने पर 15 दिन पहले पत्नी सहित बच्चों ने छोड़ दिया था साथ
  • डॉक्टर ने कटिहार मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान केरल की नर्स से की थी शादी

जिले में डीएमएफटी योजना के तहत पोड़ैयाहाट के देवदांड़ स्वास्थ्य केन्द्र में बहाल डॉक्टर विजय कृष्ण श्रीवास्तव का शव बुधवार को उनके कमरे से सड़े-गले हालत में मिला। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर प्रदीप सिन्हा का कहना है कि शव को देखने से पता चलता है कि इसकी मौत चार से पांच दिन पहले हुई है। मृतक डॉक्टर की पत्नी सुजाता विजय श्रीवास्तव का आरोप है कि मेरे पति को छह माह से वेतन नहीं मिला था। सिविल सर्जन से लेकर सबके पास उन्होंने फरियाद की लेकिन किसी ने कोई सहायता नहीं की। हमारे सामने भुखमरी की स्थिति आ गई थी। छोटे बच्चों को दूध पिलाने का पैसा नहीं था। आर्थिक तंगी ने पारिवारिक कलह को भी पैदा कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि मेरे पति की मौत हो गई। मौत का कारण क्या है? इसपर अभी कोई भी कुछ बोलने का तैयार नहीं है।

कहां घटी घटना
करीब तीन माह पहले डॉक्टर विजय कृष्ण का प्रतिनियोजन जेल गोड्‌डा में चिकित्सक के रूप में किया गया था। इसके पहले कोरोना के शुरूआती दौर में जब बाहर से मजदूर लौट रहे थे तो इसकी जांच के लिए भी कॉलेज मैदान में लंबे समय तक इनका प्रतिनियोजन किया गया था। वे प्रखंड मुख्यालय के पास स्थित डी टाइप सरकारी क्वार्टर में रहते थे। बुधवार को जब कमरे से दुर्गंध आने लगी तब पुलिस को बगल में रह रहे लोगों ने खबर किया। बंद कमरे के दरवाजे को तोड़कर देखा गया तो बिस्तर पर डॉक्टर विजय कृष्ण श्रीवास्तव की लाश पड़ी थी। लाश पर कीड़े थे। उसके बाद इसकी सूचना उनकी पत्नी को दी गई। कमरा अंदर से बंद था। लोग अनुमान लगा रहे हैं कि या तो डॉक्टर ने आत्महत्या की है या फिर सोने के समय हार्ट अटैक होने से उनकी मौत हो गई।

पत्नी सुजाता के साथ विजय कृष्ण। -फाइल फोटो।

पत्नी सुजाता के साथ विजय कृष्ण। -फाइल फोटो।

प्रेम विवाह का दुखद अंत
डॉक्टर विजय कृष्ण जब कटिहार मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे तो वहां पर काम रही केरल की नर्स सुजाता से प्यार हो गया। वर्ष 97-98 से चला यह प्यार का सिलसिला 2001 आते-आते शादी में बदल गया। इस बीच तीन बच्चे सूर्यन विजय (16), जयेश विजय (13), ऋषिता (3) हुए। बड़े बेटे ने पिछले साल मैट्रिक पास किया था। रुपए के अभाव में जयेश का नाम स्कूल से हटा दिया गया था। करीब 15 दिन पहले पत्नी सुजाता से भी विवाद होने के कारण सुजाता अपने तीनों बच्चे को लेकर गोड्‌डा से सटे पंजवारा चली गई थी और वहां नर्सिंग का काम कर रही थी। इन 15 दिनों में दोनों के बीच कभी मोबाइल से भी बात नहीं हुई। जिस प्रेम में साथ जीने मरने की बात दोनों करते थे, उसे इस आर्थिक तंगी ने भी अलग-थलग कर दिया। सभी कसमे-वादे तंगी में टूट गए। आर्थिक परेशानी रहने के कारण दोनों के बीच आपसी विवाद भी होता था।

कई जगहों पर किया है काम
डॉक्टर विजय कृष्ण पटना के राजेन्द्र नगर के रहने वाले हैं। बीएससी साइंस कॉलेज पटना से पास करने के बाद कटिहार मेडिकल कॉलेज से एसबीबीएस की पढ़ाई की थी। इन्होंने करीब दो साल तक सेना में भी डॉक्टर की नौकरी की थी। उसके बाद सेंट्रल रेलवे, विनोवा भावे अस्पताल में भी नौकरी की। गोड्‌डा में भी कई प्राइवेट अस्पतालों में उन्होंने काम किया था। डॉक्टर विजय कृष्ण का चचेरा भाई साकेत शरण तथा उनकी पत्नी धनबाद में चिकित्सक हैं।

क्या कहना है सिविल सर्जन का
सिविल सर्जन डॉक्टर शिवप्रसाद मिश्रा का कहना है कि डीएमएफटी के तहत बहाल सभी कर्मी के वेतन के लिए कई बार रुपए की डिमांड की है। करीब छह माह से इन सबों को वेतन नहीं मिला है। डॉक्टर विजय कृष्ण तो मेरे परिवार के सदस्य थे। उनकी मौत से मैं भी कम दुखी नहीं हूं।



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