लोहरदगा18 मिनट पहले

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  • अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के पश्चात एक से लेकर four तक कई छूट प्रदान की गई

कोविड-19 के मद्देनजर अनलॉक 5 के तहत आम नागरिकों की सुविधा के लिए कई गाइडलाइन जारी किए गए। इसी के निमित्त 6 महीना बाद eight अक्टूबर से सभी धार्मिक स्थल मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, धरम कुड़िया में श्रद्धालु स्वतंत्र रूप से पूजा पाठ, प्रार्थना, विनती कर सकेंगे। कोरोना काल में काफी लंबे समय से श्रद्धालु धार्मिक स्थलों से अछूता रहे। श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थल पर अत्यधिक संख्या में एकत्रित होने की मनाही की गई थी। जैसे-जैसे कोरोना का प्रभाव कम होता गया वैसे वैसे लोगों को जरूरत के आधार पर छूट दी गई।

अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के पश्चात एक से लेकर four तक कई छूट प्रदान की गई। अनलॉक 5 में धार्मिक स्थलों तक पहुंच कर प्रार्थना विनती के लिए सरकार द्वारा छूट प्रदान की गई। जिसको लेकर शहर के मुख्य धार्मिक स्थल स्वयंभू महादेव मंदिर छत्तर बगीचा, मिशन कंपाउंड स्थित जीईएल चर्च, खखपरता धाम, बड़ी मस्जिद, एमजी रोड स्थित धरम कुड़िया, बाबा मठ सहित अन्य स्थलों का साफ सफाई की जा रही है। अब श्रद्धालु धार्मिक स्थल पर पहुंचकर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए श्रद्धा भाव से मन्नते मांग सकते हैं। इससे पूर्व सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सिर्फ मौलवी, पादरी, पुरोहित, पहान ही धार्मिक स्थल पर साफ सफाई के साथ पूजा पाठ कर रहे थे। अब अनलॉक 5 के तहत मिली छूट के बाद श्रद्धालुओं को काफी सुविधा प्रदान की जाएगी। जीईएल चर्च के पादरी जोहन भेंगरा ने बताया कि पूर्व में भी सिर्फ पादरी द्वारा चर्च पहुंच कर प्रार्थना किया जा रहा था सरकार द्वारा जिस प्रकार छूट दी गई है वह स्वागत योग्य है, परंतु चर्च में पूजा पाठ, विनती प्रार्थना सहित अन्य गतिविधियां रांची के कलीसिया द्वारा निर्देशित की जाती है। इसलिए कलीसिया रांची के निर्देश पर ही चर्च की सारी गतिविधि यथा पूर्वक संचालित की जाएगी। वहीं पंडित चंद्रमोहन पाठक ने कहा कि मंदिर के दरवाजे खोलने की जानकारी से भक्तों में हर्ष है।



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