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5 घंटे पहले

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जबलपुर मेडिकल कॉलेज

  • पीजी छात्र भागवत देवांगन की आत्महत्या मामले की जांच में तेजी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के पांच सीनियर छात्रों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें इंदौर, सतना, भोपाल और महाराष्ट्र के औरंगाबाद टीमें जाएंगी। हॉस्टल में एक अक्टूबर को आत्महत्या करने वाले पीजी छात्र भागवत देवांगन मामले में पांचों आरोपी फरार हैं। गढ़ा थाने में पांचों के खिलाफ धारा 306, 34 भादवि का प्रकरण दर्ज है।

अग्रिम जमानत हो चुकी है खारिज
गढ़ा थाने में 5 नवम्बर को एफआईआर दर्ज हुई थी। तब पुलिस ने जूडा के रुख को लेकर इंतजार करने की बात कही थी। तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने का फायदा पांचों आरोपी छात्रों ने उठाया और फरार हो गए। सेशन कोर्ट से पांचों ने अग्रिम जमानत लेने की कोशिश भी की थी, लेकिन आवेदन नामंजूर हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए पांचों आरोपी छात्र अमन गौतम, अभिषेक गेमे, सलमान खान, शुभम शिंदे, और विकास द्विवेदी फरार हो गए। आरोपियों में दो इंदौर, एक भोपाल, एक सतना और एक औरंगाबाद महाराष्ट्र का रहने वाला है।

भागवत देवांगन की जीवित अवस्था की फोटो

भागवत देवांगन की जीवित अवस्था की फोटो

45 दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर
ऑर्थो पीजी 2020 बैच के छात्र रहे भागवत देवांगन की आत्महत्या के 45 दिन हो गए। अब तक आरोपी फरार हैं। प्रकरण दर्ज होने के 90 दिवस के अंदर चालान प्रस्तुत करना होता है। गिरफ्तारी को लेकर पूर्व में भागवत देवांगन के बड़े भाई प्रहलाद और देवी भागवत एएसपी गोपाल खांडेल को ज्ञापन तक सौंप चुके हैं। चौतरफा दबाव के बाद गढ़ा पुलिस सक्रिय हुई है।

ये है मामला
नगर पंचायत राहौद जला जांजगीर चांपा निवासी अमृतलाल देवांगन का बेटा भागवत देवांगन (26) ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो 2020 के बैच में जुलाई में प्रवेश लिया था। कॉलेज के पांच सीनियर्स छात्रों की प्रताड़ना के चलते उसने सितम्बर में बड़ी मात्रा में दवाएं खा ली थीं। तब मेडिकल प्रबंधन ने कार्रवाई का भरोसा दिया था। भागवत छुट्टी लेकर घर चला गया था। वहां से 26 सितम्बर को लौटा। चार दिन तक पांचों सीनियर्स ने उसे हॉस्टल में नहीं घुसने दिया। एक अक्टूबर को वह हॉस्टल पहुंचा और उसी दोपहर करीब तीन बजे फंदे से झूल गया।



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