गुड़गांव5 घंटे पहले

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  • तीन सीनियर इंजीनियर की टीम को जांच सौंपी, एलिवेटिड फ्लाईओवर का काम बंद किया

सोहना रोड पर निर्माणाधीन एलिवेटिड फ्लाई ओवर एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस बार सोहना ढाणी के नजदीक से फ्लाई ओवर की वायर की खिंचाई अधिक होने के बाद डैमेज हो गया और निर्माण करने वाली कंपनी ने अब इस क्षतिग्रस्त हिस्से को जैक लगाकर रोका हुआ है। इससे पहले गत 22 अगस्त की रात को सुभाष चौक के नजदीक पिल्लर नंबर 10 और 11 के बीच फ्लाई ओवर का हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिर गया था।

इस मामले में तीन सीनियर इंजीनियर की टीम को जांच सौंपी हुई है और एलिवेटिड फ्लाई ओवर का काम पूरी तरह बंद किया हुआ है। वहीं निर्माण करने वाली कंपनी को सुरक्षा घेरा कम्पलीट करने के आदेश भी दिए हुए हैं। सोहना रोड फ्लाई ओवर व सिक्स लेन बनाने का काम दो अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है। जिस पर करीब 13 सौ करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

21.9 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में कई एलिवेटिड फ्लाई ओवर बनाए जा रहे हैं। सोहना रोड पर सुभाष चौक से बिजली निगम के कार्यालय बादशाहपुर तक 5.5 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा हौ। इसके अलावा भोंडसी के पास, अलीपुर के पास व सोहना ढाणी के पास कट बनाने के लिए फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है।

सोहना ढाणी के पास इसी सप्ताह जब इस फ्लाई ओवर के हिस्से की मशीन से खिंचाई की जा रही थी तो अचानक सेगमेंट का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में निर्माण करने वाली कंपनी के इंजीनियर्स में भी हड़कंप मच गया। हालांकि आनन-फानन में फ्लाई ओवर का हिस्सा नीचे ना गिरे, इसके लिए जैक लगाकर इसे रोक दिया गया।

22 अगस्त की रात 6 किमी लंबे फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरा था

सोहना रोड पर सुभाष चौक के नजदीक अचानक गिरे निर्माणाधीन फ्लाईओवर की जांच के लिए एनएचएआई के जीए उदीप के. सिंघल ने चार एक्सपर्ट को इसकी जिम्मेवारी सौंपी गई है। इस चार सदस्यीय कमेटी में एनएचएआई के पूर्व सदस्य एवं पूर्व डीजी वीएल पतंकर, एनएचएआई के पूर्व एडीजी एवं एडवाइजर एके श्रीवास्तव, एमिनियंट ब्रिज एक्सपर्ट पीजी वेंकटराम व एमिनेंट ब्रिज एक्सपर्ट विनय गुप्ता को शामिल हैं।

जांच के लिए उन्हें भी पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है। इस कमेटी को यह रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार कर सौंपनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही होगी। गत 22 अगस्त की रात 6 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिर गया था।

फ्लाई ओवर के निर्माण में कुछ दिक्कत आई है, जिसे मौके पर जाकर देखा जाएगा। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने से गुरेज नहीं की जाएगी। –शशिभूषण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, गुड़गांव।



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