Posted By ankushshrma98 Posted On

Couldn’t purchase trauma ambulance even after getting cash | रुपए मिले फिर भी नहीं खरीद सके ट्रामा एंबुलेंस


जशपुरनगरfour घंटे पहले

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मुख्यमंत्री की घोषणा के डेढ़ साल के बाद भी ट्रामा एंबुलेंस जशपुर की जनता की पहुंच से बाहर है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की मनमानी से घायलाें व मरीजाें की जान पर बन आई है। दुलदुला ब्लॉक में एंबुलेंस की कमी के कारण दो मरीजों की जान चली गई। इस पर नाराजगी जताते हुए संसदीय सचिव यूडी मिंज ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

विधानसभा चुनाव 2018 में मिली कांग्रेस की सफलता के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 फरवरी 2019 को कुनकुरी पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिले में दो ट्रामा एंबुलेंस की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए संसदीय सचिव मिंज ने जून 2019 में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से मुलाकात कर बजट आबंटित करने का अनुरोध किया था।

इस पर उन्होंने खनिज न्यास निधि से ट्रामा एंबुलेंस खरीदी की अनुशंसा कलेक्टर से की थी। स्वास्थ्य मंत्री के इस अनुशंसा पर जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने डीएमएफ मद से खरीदी के लिए 45 लाख रुपए की मंजूरी दे दी। स्वीकृति के बाद कलेक्टर ने ट्रामा की खरीदी के लिए सीएमएचओ को क्रय एजेंसी बनाया था। खरीदी की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी डीपीएम को दिया है। लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद भी ट्रामा एंबुलेंस की फाइल डीपीएम द्वारा आगे नहीं बढ़ाया गया।

सेवा नहीं करने वाले अफसर मुझे बर्दाश्त नहीं:मिंज

संसदीय सचिव यूडी मिंज ने विधायक निधि से three एंबुलेंस की खरीदी के लिए 19 लाख 50 रुपए नंवबर 2019 में दिए। एम्बुलेंस खरीदने की जिम्मेदारी कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिया। लेकिन उनके द्वारा समय पर खरीदी नहीं की गई। विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जानबूझकर लेटलतीफी से क्षेत्र की जनता को एंबुलेंस की सुविधा एक साल बाद भी नहीं मिल सकी।

संसदीय सचिव यूडी मिंज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी साल भर में एक एंबुलेंस नहीं खरीद सके। जिसके कारण लोगों की मौत हो रही है ऐसे अधिकारी को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के इन अधिकारियों पर कड़ी करवाई होनी चाहिए। एंबुलेंस के मामले में संसदीय सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग यदि थोड़ी सी भी अपनी संवेदनशीलता दिखाता तो आज जिले को three नए एंबुलेंस होती और एंबुलेंस के आभाव में दो लोगों की जान नहीं जाती।

जल्द ही एंबुलेंस की खरीदी की जाएगी

एमएफ का मेरे द्वारा चार्ज दूसरे अधिकारी को दे दिया गया है। डीएमएफ मद से एंबुलेंस खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही एंबुलेंस की खरीदी हो जाएगी।

गणपत नायक, डीपीएम, एनआरएचएम



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