रांची17 मिनट पहले

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अस्पतालों को दो कैटेगरी में बांटा गया है। पहला, जिनको नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर (एनएबीएच) से मान्यता है और दूसरा, बिना एनएबीएच वाले। -फाइल फोटो।

  • रांची में आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट मरीज से 12 हजार अधिकतम ले पाएंगे निजी अस्पताल

प्राइवेट अस्पताल में कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों को राहत मिली है। राज्य सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों द्वारा कोरोना के इलाज के लिए पहले से निर्धारित दर में और कमी की है। अब कोई भी प्राइवेट अस्पताल आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट वाले कोरोना मरीज से इलाज के लिए अधिकतम 12 हजार रुपये ही ले सकेंगे। पहले 18 हजार रुपए दर निर्धारित की गई थी। इस बार भी राज्य के जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

अस्पतालों को दो कैटेगरी में बांटा गया है। पहला, जिनको नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर (एनएबीएच) से मान्यता है और दूसरा, बिना एनएबीएच वाले। इसके आधार पर दरें निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर विभागीय मंत्री बन्ना गुप्ता ने सहमति दे दी है। दरों का निर्धारण मरीज की स्थिति ( मॉडरेट, आईसीयू व अतिगंभीर) के आधार पर किया गया है। इलाज के लिए निर्धारित दर में जांच और दवाएं भी पैकेज में शामिल है।

ऐसे हुआ जिलों का बंटवारा
1. ए श्रेणी के जिले- रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद एवं बोकारो।

अस्पताल की श्रेणी मॉडरेट सीवियर अति गंभीर
एनएबीएच मान्यता प्राप्त 8000 10000 12000
गैर एनएबीएच मान्यता प्राप्त 7500 9000 11500

(दर पीपीई और सभी प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट के साथ)

2. बी श्रेणी के जिले- हजारीबाग, पलामू, देवघर, सरायकेला, रामगढ़ एवं गिरिडीह।

अस्पताल की श्रेणी मॉडरेट सीवियर अति गंभीर
एनएबीएच मान्यता प्राप्त 7000 8500 11000
गैर एनएबीएच मान्यता प्राप्त 6500 8000 10500

(दर पीपीई और सभी प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट के साथ)

3. सी श्रेणी- चतरा, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, खुंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, साहेबगंज, सिमडेगा एवं पश्चिमी सिंहभूम।

अस्पताल की श्रेणी मॉडरेट सीवियर अति गंभीर
एनएबीएच मान्यता प्राप्त 6000 8000 10500
गैर एनएबीएच मान्यता प्राप्त 5000 7500 9000

(दर पीपीई और सभी प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट के साथ)

मरीजों का बंटवारा

  • मॉडरेट- लक्ष्ण वाले सामान्य मरीज, जिन्हें ऑक्सजीन सपोर्टेड बेड पर भर्ती किया गया।
  • सीवियर- आईसीयू में भरती मरीज (वेंटिलेटर नहीं)
  • अति गंभीर- आईसीयू और वेटिंलेटर सपोर्ट



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