गरियाबंद34 मिनट पहले

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फोटो गरियाबंद की है। कांग्रेस के नेताओं ने इस मामले में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग रखी।

  • देवभोग तहसील में पदस्थ लिपिक शुभम पात्र की खुदकुशी का मामला
  • बीमार मां के साथ रहकर गरियाबंद में करना चाहता था काम

देवभोग तहसील में पदस्थ लिपिक शुभम पात्र के सुसाइड केस में शनिवार को नया मोड़ आ गया। जिला प्रशासन से शुभम की मां से शिकायत की है। शुभम की मां ने कहा है कि मैनपुर की एसडीएम अंकिता सोम के नाम पर उससे रिश्वत मांगी जा रही थी।

साल 2019 से शुभम गरियाबंद में पोस्टिंग करने की मांग के साथ ट्रांसफर चाह रहा था। शुभम का कहना था कि बीमार मां की देखभाल के लिए ट्रांसफर जरूरी है। 15 अक्टूबर के तहसीलदार बीएल कुर्रे द्वारा छुट्‌टी न दिए जाने से परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। इस बात का जिक्र शुभम के सुसाइड नोट में भी है।

इसी दफ्तर में शुभम काम करता था।

इसी दफ्तर में शुभम काम करता था।

एसडीएम ने नकारा
शुभम की मां भारती देवी के खुलासे के बाद एसडीएम अंकिता सोम ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कोई डिमांड नहीं की। किसी ने मेरे नाम का इस्तेमाल करके रुपए मांगे हों तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अब इस मामले में विभिन्न सामाजिक संगठन लामबंद हो गए हैं। सभी पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। लिपिक संघ भी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

15 अक्टूबर को फंदे से लटका मिला था शुभम ।

15 अक्टूबर को फंदे से लटका मिला था शुभम ।

कांग्रेस नेता बोले अफसरशाही हावी

इस मामले में कांग्रेस ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस के नेताओं ने यह तक कहने में गुरेज नहीं किया कि जिले में अब अफसरशाही हावी हो गई है। साफ लफ्जों में चेतावनी भी दे डाली कि सरकार कि छवि खराब करने वाला रवैया नहीं बदला गया तो सीएम से शिकायत की जाएगी। मनमानी करने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, एसडीएम ने मामले कि निष्पक्ष जांच व लम्बित केस को समय रहते खत्म करने का आश्वासन दिया है।



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