फरीदाबाद9 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • वार्ड 14 के विकास कार्यों की फाइल में ठेकेदार ने रेट करवाया था रिवाइज, पार्षदों ने की इस फाइल की भी जांच कराने की मांग
  • वार्ड 14 में दो करोड़ रुपए के काम, पार्षद को जानकारी ही नहीं

भ्रष्टाचार का अड्‌डा बन चुके नगर निगम में एक-एक कर घोटालों की परत खुलती जा रही है। अभी विकास कार्यों के नाम पर 50 करोड़ के घोटाले की जांच चल ही रही है कि एक और गड़बड़ी सामने आई है। निगम अधिकारियों की मेहरबानी से 50 करोड़ के घोटालेबाज ठेकेदार की चार फाइलें 1.1 करोड़ की थीं, जिन्हें रिवाइज कर 1.98 करोड़ रुपए का कर दिया गया।

उक्त विकास कार्य वार्ड नंबर 14 के बताए जा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर निगम के कई पार्षद सवाल उठा रहे हैं और निगम कमिश्नर से इन फाइलों की जांच कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार 50 करोड़ के आरोपी ठेकेदार ने वार्ड नंबर 14 में भी इंटर लॉकिंग टाइल्स लगाने का ठेका लिया था। इसके लिए उसने अलग-अलग four फाइलें बनाई थीं।

इसमें एक फाइल पांच लाख, 16 लाख, 25 लाख और 55 लाख की थी। इन चारों फाइलों को रिवाइज कर 1.98 करोड़ रुपए का कर दिया गया। आरोप है कि ठेकेदार ने इसके बदले करीब आठ करोड़ तक की पेमेंट ले ली है। निगम पार्षद जसवंत सिंह का कहना है कि उन्हें अपने वार्ड में कराए गए इन कार्यों की कोई जानकारी नहीं है। हम इस बारे में कमिश्नर को पत्र लिख अब तक के कार्यों की जानकारी मांगेंगे। उन्होंने कहा इस तरह की गड़बड़ी की उन्हें सूचना मिली है।

वार्ड नंबर 39 में 17 लाख रुपए का टेंडर और 84 लाख रुपए में बनाईं 100 पुलिया
सूत्रों ने यह भी बताया कि ठेकेदार ने बल्लभगढ़ के वार्ड नंबर 39 में 17 लाख रुपए के टेंडर में 100 पुलिया बनाने का कार्य लिया था। बाद में फाइलों को रिवाइज कर उसे 84 लाख का कर दिया गया। निगम पार्षद हर प्रसाद गौड़ का कहना है कि उन्हें सिर्फ 17 लाख रुपए में 100 पुलिया बनाने का टेंडर होने की जानकारी है।

वार्ड में 100 पुलिया बन भी गईं। लेकिन ठेकेदार ने निगम से कितना भुगतान लिया है इसकी जानकारी नहीं है। क्योंकि निगम अधिकारी ठेकेदारों को भुगतान करते समय संबंधित पार्षदों का हस्ताक्षर नहीं कराते। उनका कहना है नगर निगम द्वारा कराए गए अब तक के सभी कार्यों की जांच होनी चाहिए।

87 लाख रुपए की लागत से लगाए गए three टयूबवेल

एसजीएम नगर में करीब 87 लाख रुपए की लागत से केवल टीन ट्यूबवेल लगाने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ठेकेदार ने निगम अधिकारियों की मिलीभगत से इतने महंगे ट्यूबवेल लगाए हैं। निगम के पूर्व एसई अनिल मेहता का कहना है कि एक ट्यूबवेल लगाने का खर्च महज eight से 10 लाख रुपए और 10 से 15 फुट की गली में एक पुलिया बनाने में करीब 10 हजार रुपए खर्च आते हैं।

यदि इससे महंगे दाम पर बनाए जाते हैं तो उसमें कहीं न कहीं गड़बड़ी जरूर है। ठेकेदार को इन सभी मदों का भुगतान हो भी चुका है। उक्त ठेकेदार को सभी पेमेंट एक महिला निगम कमिश्नर के हस्ताक्षर से किए गए हैं। वार्ड 37 के पार्षद दीपक चौधरी एवं वार्ड 36 के पार्षद दीपक यादव का कहना है कि उक्त गड़बड़ियां 50 करोड़ के घोटाले की जांच के दौरान सामने आई हैं। इनकी भी जांच होनी चाहिए। खास बात यह है कि उक्त मामलों में अब निगम का कोई अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है।



Supply hyperlink

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *