पटनाeight मिनट पहले

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दागदार छवि वाले नेताओं पर नजर रखने के लिए विशेष टीम कर रही है निगरानी।

  • प्रत्याशियों के साथ उनसे जुड़े राजनीतिक दल भी नहीं छिपा पाएंगे अपराध की दास्तान
  • पार्टी को अपनी वेबसाइट पर दागदार नेता की जानकारी देनी होगी

सफेद पोशाक के पीछे अब अपराध की कहानी नहीं छिप पाएगी। जाने-अनजाने में जो भी अपराध हुआ है वह अब सार्वजनिक करना होगा। प्रत्याशी के साथ उनसे संबंधित पार्टियों को भी क्राइम स्टोरी जनता तक पहुंचानी होगी। दागदार छवि वाले प्रत्याशियों पर शिकंजा कसने के लिए चुनाव आयोग ने प्लान तैयार किया है। आयोग की सख्ती के बाद बिहार के सभी जिलों के डीएम की निगरानी में एक विशेष टीम बनाई गई है। प्रत्याशियों को तीन-तीन बार अखबार और टीवी चैनलों में अपराध की कुंडली बतानी होगी। पटना के डीएम कुमार रवि ने इस संबंध में प्रत्याशी चयन के 48 घंटे बाद इसकी निगरानी का आदेश दिया है।

वेबसाइट पर डालना होगा अपराध का ब्यौरा
चुनाव आयोग के आदेश के बाद राजनीतिक दलों को कहा गया है कि अगर कोई आपराधिक प्रवृत्ति वाले उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं तो संबंधित पार्टियों को अपनी वेबसाइट पर इसका पूरा उल्लेख करना होगा। विभिन्न माध्यमों से ऐसे लोगों की आपराधिक इतिहास की जानकारी देनी होगी, जिससे जनता के सामने सच्चाई छिपी नहीं रहे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मतदाताओं से आपराधिक प्रवृति के प्रत्याशियों की कोई भी जानकारी छिपी नहीं रह जाए।

चुनाव की मर्यादा और गरिमा कायम रखेगी टीम
चुनाव की मर्यादा और गरिमा कायम रखने को लेकर प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया गया है। डीएम के स्तर से जो टीम लगाई गई है, वह इसपर ध्यान देगी। पटना के डीएम कुमार रवि ने बताया कि आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को अपने अपराध का ब्यौरा अखबार और टीवी में देना होगा। ऐसा कम से कम तीन बार करना होगा। डीएम का कहना है कि आपराधिक चरित्र के उम्मीदवार से संबद्ध राजनीतिक दल को भी अपनी वेबसाइट पर उस उम्मीदवार के बारे में अपलोड करनी है।

आयोग की ये है गाइडलाइन
भारतीय लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए टीम को निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। मर्यादा एवं गरिमा कायम रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर पैनी नजर रखनी है। उम्मीदवारों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को चुनाव अभियान के दौरान अपने आपराधिक चरित्र के बारे में प्रमुख समाचार पत्रों एवं टीवी चैनलों के माध्यम से तीन बार विस्तृत जानकारी देनी है।

नाम वापसी की अंतिम तिथि के चार दिन के अंदर पहला। दूसरा प्रकाशन-पांचवा से आठवें दिन तथा तीसरा प्रकाशन-नौवे दिन से चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक करना होगा। उस राजनीतिक दल को संबंधित उम्मीदवार के लंबित आपराधिक मुकदमों, अपराध की प्रकृति, आरोप, संबंधित न्यायालय, केस नंबर आदि के बारे में विस्तृत जानकारी देनी होगी। उम्मीदवारी के चयन संबंधी कारणों को भी स्पष्ट करना है तथा बताना है कि बिना आपराधिक पृष्ठभूमि के किसी अन्य व्यक्ति का चयन उम्मीदवार के रूप में क्यों नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त उस राजनीतिक दल को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करना है।



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