लुधियाना14 घंटे पहले

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  • पीएयू के फूड एंड न्यूट्रीशियन डिपार्टमेंट ने तैयार की टेक्नोलॉजी, सेहत को होंगे कई फायदे

(रागिनी कौशल) अब सालभर चुकंदर का स्वाद लिया जा सकेगा। पीएयू के फूड एंड न्यूट्रीशियन डिपार्टमेंट ने चुकंदर से पाउडर तैयार किया है। इसका इस्तेमाल प्राकृतिक रंग के तौर पर किया जा रहा है। इसे केक, बिस्किुट, ब्रेड जैसे बेकरी उत्पादों के साथ ही आइस्क्रीम, छाछ या व्हे ड्रिंक्स के अलावा जैम, कैंडी और हलवा में भी डाला जा सकता है। चुकंदर से पाउडर बनाने के बाद उसकी प्रोसेसिंग की जाती है, ताकि लंबे समय तक इसे इस्तेमाल किया जा सके।

इससे सेहत को नुकसान नहीं, बल्कि फायदे होंगे। साथ ही मार्केट में मिलने वाले कैमिकल वाले लाल रंग का बेहतर विकल्प हो सकता है। फूड एंड न्यूट्रीशियन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवजोत कौर और स्पेशल एक्सटेंशन स्पेशलिस्ट डॉ. किरन ग्रोवर की ओर से ये टेक्नोलॉजी तैयार की गई है। इसमें फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ.पूनम ए सचदेव ने भी सहयोग दिया है।

न्यूट्रीशनल वैल्यू के चलते चुकंदर को माना जाता है सुपर फूड
सीनियर एक्सटेंशन स्पेशलिस्ट डॉ.किरन ग्रोवर ने बताया कि चुकंदर में बहुत से पोषक तत्व मौजूद हैं। इस कारण इसे सुपर फूड माना जाता है। चुकंदर में फीनोल, फ्लेवनॉइड, एंथोसाइनीन, कैरोटेनॉइड और भरपूर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। एंटीऑक्सीडेंट सैल डैमेज को रोकने और रक्त प्रवाह को सही करने में मदद करते हैं। इसके अलावा कई तरह की गंभीर बीमारियां जैसे कैंसर, हाईपरटेंशन और डायबिटीज मैलिटस से बचाव में योगदान देते हैं।

इससे रक्त, दिल और पूरे पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है। साथ ही बीपी, कोलेस्ट्रॉल को नियमित करने में भी ये मदद करता है। चुकंदर के बिटानीन पिगमेंट बीटासाइनीन श्रेणी का है। इसे यूरोपियन यूनियन की ओर से ई-162 नाम से खाने की चीजों में रंग की तरह इस्तेमाल करने की भी अनुमति है।

घर में भी तैयार किया जा सकेगा पाउडर
चुकंदर में नमी की ज्यादा मात्रा होने के कारण इसके जल्द खराब होने के आसार रहते हैं। ऐसे में लंबे समय के लिए रखने के लिए इसकी प्रोसेसिंग की जानी चाहिए, ताकि शेल्फ लाइफ बढ़ सके। सारा साल इसका इस्तेमाल करने के लिए चुकंदर का पाउडर बनाया जा सकता है। ये पाउडर घर में भी बनाया जा सकता है। घर पर पाउडर बनाने के लिए चुकंदर को धोने के बाद हल्का उबालें, छिलने के बाद चाकू का इस्तेमाल कर पतले टुकड़ों में काटें।

ट्रे ड्रायर में इन टुकड़ों को ड्राई करें और ग्राइंडर में ग्राइंड कर लें। भाप से निकालने के बाद उसे ठंडा कर उसका पाउडर बनाया जा सकता है, जो आसान तरीका भी है। उसके पोषक तत्वों को भी खत्म नहीं करता। छानने के बाद हाईडेंसिटी पॉलिथाइलेन (एचडीपीई) बैग में पैक कर लें और लंबे समय तक इसका इस्तेमाल करें।



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