• Hindi Information
  • Native
  • Haryana
  • After Harsimrat Kaur’s Leaving The Union Minister, Now The Stress On Haryana’s Deputy CM Dushyant Chautala, Farmer Chief Chaduni Stated If There Is Any Disgrace, Dushyant Ought to Resign

रोहतक34 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रोहतक में कृषि विधेयकों के विरोध में धरने में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी।

  • शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी रोहतक में अनाज मंडी में धरने पर पहुंचे
  • कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘दुष्यंत जी! आपको किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी है, डिप्टी सीएम का पद छोड़े

केंद्र की भाजपा सरकार की तरफ से लाए गए कृषि विधेयकों का हरियाणा में पुरजोर विरोध हो रहा है। इसी विरोध के बीच जहां दो दिन पहले पंजाब की अकाली दल नेत्री हरसिमरत कौर ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री का पद छोड़ दिया है, वहीं अब हरियाणा में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। किसान संगठन चौटाला के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो तमाम विपक्षी दल भी इस मांग को समर्थन कर रहे हैं। शनिवार को रोहतक में भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि दुष्यंत चौटाला में अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

रोहतक में धरने में शामिल किसान संगठनों से जुड़े लोग।

रोहतक में धरने में शामिल किसान संगठनों से जुड़े लोग।

शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी रोहतक में अनाज मंडी में धरने पर पहुंचे। गुरनाम सिंह ने धरने पर पहुंचकर किसानों को संबोधित किया और ऐलान किया कि 20 सितंबर को रोड जाम किए जाएंगे, वहीं 25 सितंबर को पूरा भारत बंद किया जाएगा।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा three नए कानून लाए जा रहे हैं, वो किसानों के हित में नहीं हैं। किसान नेता गुरनाम सिंह ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान कर्जामुक्ति को लेकर पूरे देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने यूनियन की भविष्य की रणनीति भी बताई, वहीं कहा कि हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला में अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

इन्होंने भी की दुष्यंत के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘दुष्यंत जी हरसिमरत कौर बादल की तरह आपको भी कम से कम उप-मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। आपको किसानों से ज्यादा अपनी कुर्सी प्यारी है।’ इसी तरह राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी ट्वीट के जरिये सवाल किया है कि जब पंजाब के सब दल किसान के पक्ष में हो सकते हैं तो हरियाणा बीजेपी-जेजेपी क्यों नहीं।

क्यों है दुष्यंत पर इतना दबाव
दरअसल, पंजाब के अग्रणी राजनेता बादल परिवार और हरियाणा के चौटाला परिवार में पुरानी मित्रता है। लोकसभा में कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए सुखबीर बादल ने दुष्यंत चौटाला के परदादा चौधरी देवीलाल को भी याद किया और उन्हें महान किसान नेता बताया। हरियाणा में बीजेपी और दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी की सरकार है। दुष्यंत चौटाला की पार्टी को किसानों का समर्थन मिलता है, ऐसे में चौटाला के लिए किसानों की मांगों की उपेक्षा करना आसान नहीं होगा।

किसानों पर लाठीचार्ज पर चिंता जताई, नए विधेयकों का विरोध नहीं किया
कुछ दिन पहले कुरुक्षेत्र के पीपली में विरोध जता रहे किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर जेजेपी की तरफ से बयान जारी किया गया है। दुष्यंत के छोटे भाई और जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जेजेपी उन किसानों से माफी मांगती है, जिन पर लाठियां चलाई गई। जेजेपी हमेशा किसानों के साथ है, किसानों के हित पार्टी के लिए सर्वेपरि हैं। किसानों पर लाठीचार्ज का वीडियो देख हमने सबसे पहले इसकी आलोचना की क्योंकि ये गलत था। दूसरी ओर देखा जाए तो अब तक दुष्यंत चौटाला ने कृषि विधेयकों का विरोध नहीं किया है।

0



Supply hyperlink

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *