रायपुर5 घंटे पहले

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प्रतीकात्मक फोटो।

आलू-प्याज, लहसुन के थोक कारोबारी के साथ 7.68 लाख से ज्यादा की ठगी हो गई। उसका आरोप है कि इस ठगी में रायपुर और बिलासपुर के भी कुछ व्यापारी शामिल हैं। खमतराई थाने में इस मामले की शिकायत होने के साथ ही जांच शुरू हो गई है। उन सभी फोन नंबरों से जांच की जा रही है जिससे गाड़ियां बुक कराई गईं और बाद में पेमेंट करने की बात कही गई। जिस कारोबारी ने यह फर्जीवाड़ा किया है उसने माल बिलासपुर में मंगाने की बात की, लेकिन गाड़ियां डूमरतराई थोक बाजार में खाली हुईं। इस वजह से कई व्यापारी इस मामले में जांच के घेरे में आ गए हैं। थोक कारोबारी अजय जैन की शिकायत के अनुसार 1 सितंबर को उनके बड़े भाई नागराज जैन के पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उसकी फर्म पवन ट्रेडिंग बिलासपुर में है और उसे एक गाड़ी लहसुन मंगवाना है। नागराज ने कीमत, गाड़ी और स्टॉक तय करने के लिए अपने सेल्समैन को उस व्यक्ति का नंबर दे दिया। बाद में बिलासपुर के कुछ कारोबारियों से भी पूछा कि पवन ट्रेडिंग की साख कैसी है। सभी तरह की जानकारी होने के बाद उन्होंने Three लाख का माल फोन करने वाले के पास भिजवा दिया। इसका भुगतान उसने एक दिन बाद रायपुर में ही आकर करने की बात कही। गाड़ी का माल मिल जाने के बाद उसी अज्ञात व्यक्ति ने फिर से फोन किया और एक गाड़ी लहसुन और मांगा। 2.52 लाख का माल फिर उसके पास भिजवा दिया गया। दोनों गाड़ियों का भुगतान 2 दिन बाद करने को कहा। इसके बाद आरटीजीएस का नंबर भी भेजा, लेकिन रकम खाते में जमा नहीं हुई। कई बार भुगतान की डिमांड के बाद 17 सितंबर को 1.76 लाख रुपए कैश भिजवाया। थोड़ा पैसा आने की वजह से जैन भाइयों को भरोसा हो गया कि बाकी पेमेंट भी आ जाएगा।

इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने फिर से एक गाड़ी लहसुन मंगवाया और उसका भुगतान कैश में करने की बात कही। जैन भाइयों ने 3.59 लाख का माल गाड़ी में लोड करवाकर भुगतान के लिए अपने स्टाफ को भाटागांव के पास भेज दिया। दो लोग आकर स्टाफ को बातों में उलझाकर रखे रहे और गाड़ी चली गई, लेकिन भुगतान नहीं मिला। इसके बाद जिन-जिन नंबरों से फोन कॉल आए थे उसमें सभी से बात की गई, लेकिन हर बार कोई न कोई परेशानी बताकर भुगतान देने के लिए टाल दिया गया। थोक कारोबारी ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि जो गाड़ियां बिलासपुर भेजी गईं थीं वो वहां गईं ही नहीं। दो गाड़ियों का माल डूमरतराई में गुरुकृपा ट्रेडिंग कंपनी में खाली करवाया गया। पवन ट्रेडिंग बिलासपुर के नाम पर बुकिंग के बावजूद वहां एक भी गाड़ी खाली नहीं करवाई गई। इसके बाद ही व्यापारी को धोखाधड़ी का एहसास हो गया। उन्होंने 7.68 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत थाने में दर्ज कराई। इसकी शिकायत आईजी और एसएसपी से भी की गई है।



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