बांदीकुईकुछ ही क्षण पहले

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भांवती गांव की बेडा वाली ढाणी में बोलवेल में गिरे बच्चे को निकालने के लिए खुदाई करते हुए।

  • दौसा जिले के भांवती गांव की बेडा वाली ढाणी की घटना

(अनिल भट्‌ट)। दौसा जिले में भांवती गांव की बेडा वाली ढाणी में शनिवार दोपहर 265 फीट गहरे बोरवेल में Eight वर्षीय बालक गिर गया। गनीमत यह रही कि बालक 15 फिट पर ही अटक गया। ग्रामीणों व प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से बालक को एक घंटे की मशक्कत के बाद ही जीवित निकाल लिया। लेकिन दौसा में उपचार के दौरान बालक की मौत हो गई। बोर शुक्रवार रात 10 बजे खोदा गया था। यह अभी कच्चा ही था।

ढाणी निवासी टूडाराम ने शुक्रवार रात पेयजल के लिए करीब 265 गहरा बोरवेल करवाया था। रात 10 बजे इसका काम पूरा हुआ। बोर में पाइप नहीं डालने के कारण यह अभी कच्चा ही था। शनिवार दोपहर करीब एक बजे बोर के समीप ही रहने वाले फैलीराम मीणा का आठ वर्षीय बालक अमित इस बोरबेल में गिर गया।

बालक के रोने की आवाज सुनाई देने पर पता लगा
पास से गुजर रही एक महिला को बोर में बालक के रोने की आवाज सुनाई देने पर उन्होंने शोर शराबा कर लोगों को बुलाया। बोर में बालक के दिखाई देने पर सरपंच रत्ती राम बिना समय गवाए जेसीबी लेकर पहुंच गए और खुदाई कार्य चालू करवा दिया।

सूचना पर बसवा तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर, डिप्टी एसपी संजय सिंह चंपावत, कोलवा थाना प्रभारी बनवारीलाल, बांदीकुई नायब तहसीलदार धर्मेद्र मीणा, सरपंच रत्ती राम मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर ढाई बजे बालक को बोरवेल में से जीवित निकालने पर परिजनों व प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान बालक को जिला अस्पताल दौसा ले जाया गया जहां एक घंटे बाद ही उपचार के दौरान बालक की मौत हो गई।

बोलवेल में गिरे बच्चे को निकालने के दौरान ग्रामीण मौके पर जुटे रहे।

बोलवेल में गिरे बच्चे को निकालने के दौरान ग्रामीण मौके पर जुटे रहे।

दिमागी रुप से कमजोर था बालक
बसवा तहसीलदार ओमप्रकाश गुर्जर ने बताया कि बोरवेल पत्थर से ढका हुआ था लेकिन बालक ने इसे हटा दिया और इसमें गिर गया। जानकारी लेने पर सामने आया कि बालक दिमागी रूप से कमजोर था।

शरीर पर नहीं आई चोटें, श्वास नली में मिट्टी जाने से मौत
तहसीलदार ने बताया कि बाहर निकालने पर बालक के चोटें नहीं आई थीं लेकिन संभवतया बालक की श्वास नली में मिट्टी जाने से उसकी मौत हो गई।
ऊपर 12 इंच थी बोर की चौड़ाई, अंदर 8
बोरवेल की ऊपर से चौडाई करीब 12 इंच थी। अंदर आठ इंच चौडाई थी। ऐसे में बालक के इसमें गिरने के बाद वह अंदर 15 फिट गहराई में जाकर पत्थर पर अटक गया।



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