हिसार10 घंटे पहले

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फाइल फोटो।

  • ग्रीन पार्क वासी महिला की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई

ग्रीन पार्क में रहने वाली तनवी की शिकायत पर पुलिस ने अम्बाला की कंसल्टेंसी फर्म की संचालिका व राखी गढ़ी के रहने वाले व्यक्ति पर आइलेट्स (आईईएलईटी) का पेपर पास करवाने व विदेश भेजने के नाम पर Eight लाख 22 हजार 400 रुपये ठगने के आराेप में केस दर्ज किया है। पुलिस को शिकायत में तनवी ने बताया कि मेरे पति सुखविंद्र सांगवान मर्चेंट नेवी में जॉब करते हैं।

उनकी ज्यादातर समय समुंद्र में जहाज पर ड्यूटी रहती है। मेरी सगी मौसी कमला देवी और भाई संजीत सिंह कनाडा में रहती है। ऐसे में कुछ समय के लिए विदेश जाकर रहना चाहती थी। इसलिए जाट कॉलेज से ग्रेज्युशन कर रही हूं। मई 2019 में सेक्टर 13 में रहने वाले मेरे देवर रोहित सांगवान से नारनौंद स्थित राखीगढ़ी वासी संदीप श्योराण ने संपर्क किया था। उसने बताया था कि अंबाला शहर में केयर ऑफ सेक्सेस ग्राफ कंसल्टेंसी फर्म को जानता हूं। इसकी संचालिका स्मृति अत्री है।

ये वीजा लगवाने व आइलेट्स का पेपर पास करवाने में सक्षम है। ऐसे में जून 2019 में संदीप श्योराण के कहने पर अपने देवर के साथ अंबाला गई थी। वहां पर स्मृति अत्री से मिलवाया था। इसने गारंटी दी कि आइलेट्स का पेपर पास करवाकर विदेश भेजवा दूंगी। इसके लिए 18 लाख रुपये खर्चा आएगा। इसमें पेपर, वीजा, विदेश भिजवाने का खर्चा इत्यादि शामिल है।

डिप्लोमा दिलवाने के नाम पर मांगे रुपये, रिकॉर्डिंग करने का दावा

स्मृति अत्री व संदीप श्योराण ने कहा कि होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी करना अनिवार्य है, क्योंकि आपका एक साल का गैप हो गया है। विदेश जाने से पहले गैप ईयर के लिए डिप्लोमा जरूरी है। इसके लिए उन्होंने डेढ़ लाख रुपये मांंगे। कहा कि डिप्लोमा दिलवा देंगे। ऐसे में प्रोसेसिंग फीस की मांग पर स्मृति अत्री को 35 हजार रुपये दिए थे। 1 अगस्त 2019 को दोनों मेरे घर पर आए थे। मुझसे साढ़े 6 लाख रुपये लेकर चले गए थे। इस दौरान दोनों को रुपये देते हुए रिकॉर्डिंग कर ली थी।

इसके बाद उक्त डिप्लोमा कोर्स के लिए 1.20 लाख रुपये मांगे थे जोकि अम्बाला जाकर दिए थे। जब दोनों से संपर्क किया तो जवाब मिला कि अभी दो-तीन माह और लगेंगे। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर जनवरी 2020 तक का समय मांगा। आरोप है कि उन्हें 17 हजार 400 रुपये और दिए। इनसे आइलेट्स अकाउंट की डिटेल मांगी थी। तब मुझे एक यूजर आईडी और पासवर्ड दिया था। इसके साथ ही एक टीआरएफ फार्म भेजा, जिससे पता चला कि दोनों मिलकर धोखाधड़ी कर रहे हैं।



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