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अम्बाला5 घंटे पहले

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अम्बाला सिटी | सिविल अस्पताल में चाकू लगने से घायल वकील सलिंद्र मोहन।

  • केस पर बातचीत करने के बहाने मुंह पर कपड़ा बांधकर एक युवक चैंबर में घुसा, फिर दूसरे आए

सिटी माॅडल टाउन के कैलाश नगर निवासी एडवोकेट सलिंद्र माेहन पर 22 साल पुराने जमीनी विवाद में 38 दिन में दूसरा बड़ा हमला हाे गया। पहले 13 अक्टूबर काे हमलावराें ने उनकी बाजू में चाकू घाेंप दिया था। शुक्रवार काे फिर three हमलावराें ने काेर्ट परिसर उनके टाॅप फ्लाेर पर चैंबर में घुसकर चाकू से हमला कर दिया। हमलावराें ने न केवल उनके सिर, बाजू पर वार किए, बल्कि चाकू ताे उनके पेट के साइड में घुसा रह गया।

घायल सलिंद्र मोहन ने काेर्ट परिसर में अपने सहयाेगी वकीलाें काे फाेन कर बुलाया। प्राइवेट गाड़ी से उन्हें सिटी सिविल अस्पताल में लाया गया। प्राथमिक उपचार के करीब 2.30 घंटे बाद एडवोकेट के पेट से चाकू निकाला जा सका। वहीं घटना की सूचना मिलते डीएसपी सुलतान सिंह माैके पर पहुंचे। सीआईए और सिटी थाना एसएचओ ने घायल एडवोकेट से जानकारी ली। माैके पर काेर्ट में सीन ऑफ क्राइम की टीम भी पहुंची। उधर, वारदात की सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल में वकील एकत्रित हाे गए।

जिला बार एसेसिएशन प्रधान एडवोकेट इकबाल सिंह व पूर्व प्रधान एडवोकेट राेहित जैन ने कहा कि अगर वकीलाें पर ऐसे हमले हाेंगे ताे समाज में आम आदमी कैसे सुरक्षित हाेगा। पहले भी एडवोकेट सलिंद्र माेहन पर हमला हुआ था। पुलिस ने सिर्फ एक ही आराेपी काे गिरफ्तार किया था। यह पुलिस के ढिलाई बरतने का नतीजा है कि दूसरे बार वकील सलिंद्र पर हमला हुआ है। एक तरफ पुलिस वकील काे कार्रवाई के लिए सीट से उठा लेती है, वहीं बार-बार हमला करने वाले काे पुलिस नहीं पकड़ती। वकीलाें ने काेर्ट में वर्क सस्पेंड रखा। पुलिस चाैकी नंबर-5 इंचार्ज सुलतान सिंह ने बताया कि पुराने प्राॅपर्टी विवाद में तीन हमलावराें ने एडवोकेट सलिंद्र माेहन पर चाकू से हमला किया है। पुलिस ने उनके बयान पर राजू और उसके पिता गुरचरण पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस शिकायत में एडवोकेट सलिंद्र माेहन ने बताया कि वह काेर्ट परिसर अपने टी-63 चैंबर में हर सुबह करीब 8.40 पर पहुंचा था। करीब 9 बजे एक युवक चैंबर में आया। उसने मुंह पर सफेद कपड़ा बांधा हुआ था। लड़के ने उसका नाम पूछते हुए कहा कि उसने एक केस में उनकाे वकील करना है। केस के सिलसिले में उसके दाे अन्य साथी भी बातचीत करना चाहते हैं। जो दाेनाें व्यक्ति अंदर आए ताे उन्हाेंने मुंह ढके हुए थे। एक व्यक्ति ने अपने उपर खेसी ले रखी थी। जिसने अंदर आते ही खेसी उतार कर चैंबर के दरवाजे के ऊपर लगा दी, जहां पारदर्शी शीशा लगा था।

अचानक उन्हाेंने हमला कर दिया। उसने एक हमलावर काे अावाज से पहचाना। वह उसके पड़ाेसी गुरचरण का बेटा राजू था। राजू और उसके साथ सिख व्यक्ति ने उसे पकड़ लिया और कपड़ा उसके मुंह में ठूंसते हुए सिर के पीछे बांध दिया। राजू व उसके साथ आए सरदार साथी ने चाकू निकाला। राजू ने छाती और पेट में वार किया। चाकू लगते ही वह नीचे गिर गया। हमलावराें ने उसके सिर में मिट्टी का कैंपर मारा और कई ठाेकरें भी मारी। शिकायत में सलिंद्र माेहन का आराेप है कि उसे व उसके परिवार काे राजू व उसके पिता गुरचरण रंजिश के कारण मरवाना चाहते हैं। गुरचरण व राजू ने अपने साथी के साथ मिलकर उसके हमला करवाया। बीती 13 अक्टूबर काे भी रात के समय उसके घर में घुस कर गुरचरण व उसका परिवार हमला कर चुका है। इसकी एफआईआर बलदेव नगर थाना में दर्ज है। हमलावराें ने उसकी बाजू में चाकू घाेंप दिया था।

तीसरी बार हमला, एक मामले में हो चुकी सजा

सलिंद्र ने पुलिस को बताया था कि उनका गुरचरण से प्लाॅट नंबर 82 व 84 को लेकर 22 साल से विवाद है। गुरचरण ने उनके खिलाफ अम्बाला कोर्ट में केस दायर किया था, जोकि गुरचरण हार गया। गुरचरण इस मुकदमे की अपील भी हार गया। इसके बावजूद गुरचरण व उसके परिवार ने हमारे प्लाॅट नंबर 84 के एक हिस्से से कब्जा नहीं हटाया था। उपरोक्त केस के कोर्ट में लंबित रहने के दौरान गुरचरण ने अपने पिता व भाई के साथ मिलकर उस पर इसी तरह से हमला किया था। जिसको लेकर दर्ज मुकदमे में गुरचरण व इसके भाई को कोर्ट से जेल व जुर्माना दोनों की सजा हुई थी। वहीं, हमले के बाद बीती 15 अक्टूबर काे पुलिस ने गुरचरण सिंह व उनकी पत्नी, बेटे राजू व three अन्य पर केस दर्ज किया। जिसमें पुलिस ने आराेपी गुरचरण सिंह काे गिरफ्तार किया था। उनकी जमानत हाे गई थी। बाकी के आराेपियाें काे गिरफ्तार नहीं किया था।



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