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जालंधर17 घंटे पहले

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  • सरकारी स्कूलाें में स्पाेर्ट्स का सामान खरीदने के लिए फंड जारी

समग्र शिक्षा साल 2020-21 के तहत केंद्र सरकार की ओर से फिजिकल एजुकेशन के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूलाें में पांच हजार रुपए प्रति स्कूल व मिडिल स्कूलाें में 10 हजार रुपए प्रति स्कूल दिए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य के स्कूलाें के लिए 908.15 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। जालंधर जिले के 164 मिडिल स्कूलाें के लिए 16,40,000 रुपए व 941 प्राइमरी स्कूलाें के लिए 47,05,000 रुपए जारी किए गए हैं। स्कूलाें में तीन सदस्यीय खरीद कमेटी का गठन किया जाएगा। स्कूलाें में रकम प्राप्त करने के 15 दिनाें तक स्पाेर्ट्स का सामान खरीदना हाेगा। इन्हें फ्रिस्बी, प्लास्टिक बैट व बाॅल, काेन, फूटबाॅल हैंडबाॅल आदि खरीदना है।

विभाग की रेट लिस्ट के अनुसार ही सामान खरीदना हाेगा… विभाग की ओर से भेजी गई लिस्ट के अनुसार ही सामान खरीदना हाेगा। साथ ही जाे रेट विभाग ने दर्शाए हैं, उसी के अनुसार ही चीज लें। उससे ज्यादा रेट के नहीं हाेने चाहिए। जाे आइटम सूची में नहीं है, उसकी खरीद नहीं हाेनी चाहिए। इंचार्ज स्कूल का स्टॉक रजिस्टर में नाेट करेगा। खरीदे गए सामान का यूज सर्टिफिकेट एक महीने के अंदर अंदर स्कूल शिक्षा विभाग काे भेजना हाेगा। बच्चाें की गिनती के अनुसार ही सामान खरीदे।

स्कूलाें में प्री-प्राइमरी क्लासों के Three साल पूरे, 3.30 लाख बच्चे कर रहे पढ़ाई

तीन साल पहले 2017 में ‘बाल दिवस’ पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा राज्य के समूह सरकारी प्राइमरी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की शुरुआत की गई थी। इस समय Three से 6 वर्ष के 3.30 लाख विद्यार्थी राज्य के 13 हजार सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी-1 और प्री प्राइमरी-2 कक्षाओं में शिक्षा ले रहे हैं। शिक्षामंत्री विजय इंद्र सिंगला व सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार की देखरेख में प्री-प्राइमरी शिक्षा को सुचारू रूप में चलाने के लिए अध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए स्टेट, जिला और ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण टीमों का गठन, 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने-सिखाने के लिए कक्षा के कमरे को ‘खेल महल’ का रूप देने के लिए four कार्नर स्थापित करना विभाग की प्री-स्कूल शिक्षा की माइक्रो स्तर की सफल योजनाबंदी रही है। शिक्षा विभाग की तरफ से सरकारी स्कूलों में खिलौनों के लिए 23.21 करोड़ रुपए, मानक शिक्षण सामग्री, कमरों के रंग- रोगन और बच्चों की स्टेशनरी के लिए 10.87 करोड़ रुपए और 10 करोड़ रुपए के रंगदार व आकर्षक फर्नीचर की बेहतरीन सुविधाएं विद्यार्थियों को दी हैं।



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